ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में दागे मिसाइल और ड्रोन, क्षेत्र युद्ध की चपेट में बना हुआ
दुबई/दोहा/रियाद, 18 मार्च 2026: मध्य पूर्व में जारी ईरान-अमेरिका-इज़राइल युद्ध ने खाड़ी देशों को अपनी चपेट में ले लिया है। ईरान ने लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों की बौछार की है, जिससे यूएई, सऊदी अरब, कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान जैसे देश हाई अलर्ट पर हैं।
ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने पिछले कुछ दिनों में खाड़ी क्षेत्र में सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइल और हजारों ड्रोन दागे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने 1,400 से ज्यादा मिसाइल और करीब 4,000 ड्रोन लॉन्च किए हैं, जिनमें से ज्यादातर लक्ष्य यूएस और इज़राइली सैन्य ठिकाने, तेल सुविधाएं, एयरपोर्ट और बंदरगाह रहे हैं।
यूएई सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में शामिल है, जहां 800 से ज्यादा ड्रोन और 200 से अधिक मिसाइल हमलों की रिपोर्ट है। दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास ड्रोन हमले से आग लगने के कारण उड़ानें कुछ समय के लिए रोक दी गईं। फुजैराह के पास तेल टैंकरों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले हुए, जबकि अल धफ्रा एयर बेस पर ईरानी हमलों में यूएई के महंगे फाइटर जेट और यूएस सर्विलांस ड्रोन क्षतिग्रस्त होने की खबरें हैं।
कतर, बहरीन और सऊदी अरब ने भी कई हमलों को इंटरसेप्ट किया है, लेकिन कुछ मिसाइलें लक्ष्य पर पहुंचीं, जिससे तेल रिफाइनरी और बंदरगाहों को नुकसान पहुंचा। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों पर हमले बढ़े हैं, जिससे वैश्विक तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है।
ईरान का दावा है कि ये हमले अमेरिका और इज़राइल के हमलों का जवाब हैं, जो 28 फरवरी को शुरू हुए थे। तेहरान का कहना है कि खाड़ी देशों में मौजूद यूएस बेसेज़ वैध लक्ष्य हैं। ईरानी विदेश मंत्री ने कहा है कि अमेरिका के साथ बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं है, जब तक हमले जारी रहेंगे।
खाड़ी देशों के नेता अमेरिका के करीबी सहयोगी हैं, लेकिन ईरान के पड़ोसी होने के कारण वे दोहरे दबाव में हैं। यूएई के एक राजनयिक ने कहा कि वे अपनी रक्षा करेंगे, लेकिन युद्ध का विस्तार क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान की रणनीति क्षेत्रीय अराजकता पैदा करके वैश्विक दबाव बढ़ाना है। युद्ध अब तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है और कोई संकेत नहीं है कि जल्दी खत्म होगा। पूरी खाड़ी क्षेत्र युद्ध की आग में जल रहा है, और दुनिया की नजरें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर टिकी हैं, जहां से वैश्विक तेल का बड़ा हिस्सा गुजरता है।

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