तमिलनाडु में 'थलपति' विजय का राजतिलक: नंबरगेम में सबको पछाड़कर कल संभालेंगे मुख्यमंत्री की कुर्सी
चेन्नई: दक्षिण भारत की राजनीति में फिल्मी सितारों का मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुँचना कोई नई बात नहीं है, लेकिन 'थलपति' के नाम से मशहूर अभिनेता विजय ने जिस तरह से राजनीतिक बिसात बिछाई है, उसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। तमिलनाडु की जटिल राजनीति और 8 दलों के बीच फंसे नंबरगेम को मात देते हुए, विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने सत्ता के शिखर तक पहुँचने का रास्ता साफ कर लिया है। भारी अनिश्चितता के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि विजय तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।
बहुमत का जादुई आँकड़ा और थलपति की इनसाइड स्टोरी
तमिलनाडु की राजनीति में पिछले चार दिन बेहद नाटकीय रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, थलपति विजय ने इन चार दिनों में वह कर दिखाया जिसकी उम्मीद अनुभवी राजनेता भी नहीं कर रहे थे। राज्य में 8 प्रमुख दलों के बीच बँटे जनादेश और जटिल नंबरगेम में विजय ने अपनी सूझबूझ से बहुमत जुटा लिया है। 'इनसाइड स्टोरी' यह है कि विजय ने छोटे दलों और कुछ निर्दलीय विधायकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखा, जिससे वह बहुमत के आवश्यक आँकड़े तक पहुँचने में सफल रहे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय की यह जीत केवल उनकी लोकप्रियता की नहीं, बल्कि उनके संगठनात्मक कौशल की भी जीत है।
राज्यपाल का न्योता और शपथ ग्रहण की तैयारियाँ
राजनीतिक गहमागहमी के बीच, थलपति विजय ने राज्यपाल से तीसरी बार मुलाक़ात की, जहाँ उन्होंने सरकार बनाने का आधिकारिक दावा पेश किया। विजय के पास पर्याप्त संख्या बल होने की पुष्टि के बाद, राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता दे दिया है। कल सुबह 11 बजे शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें विजय मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इस खबर के सामने आते ही उनके प्रशंसकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है। चेन्नई की सड़कों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
गठबंधन की बदलती बिसात: AIADMK और बीजेपी का अलगाव
विजय के उदय के बीच तमिलनाडु में एक और बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला है। राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी AIADMK ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के साथ अपने सभी रिश्ते तोड़ लिए हैं। AIADMK ने एनडीए (NDA) गठबंधन से भी बाहर आने का फैसला किया है। इस टूट ने राज्य में एक बड़ा राजनीतिक शून्य पैदा कर दिया था, जिसका सीधा फायदा थलपति विजय को मिला। द्रविड़ राजनीति के पारंपरिक ध्रुवों के बीच पैदा हुई इस दरार ने विजय की TVK के लिए सत्ता की राह को और भी सुगम बना दिया।
निष्कर्ष: तमिलनाडु में एक नए युग की शुरुआत
वर्ल्ड प्रेस इंडिया के आकलन के अनुसार, तमिलनाडु की राजनीति अब एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। थलपति विजय का मुख्यमंत्री बनना राज्य में पारंपरिक 'द्रविड़ राजनीति' के साथ-साथ एक नई युवा सोच के समावेश का संकेत है। हालांकि, बहुमत साबित करने और गठबंधन के सहयोगियों को साथ लेकर चलना उनके लिए आने वाले समय में एक बड़ी चुनौती होगी। फिलहाल, पूरी दुनिया की नज़रें कल होने वाले शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हैं, जहाँ से तमिलनाडु के भविष्य की एक नई कहानी लिखी जाएगी।
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