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Showing posts from May, 2026

अमेरिका ने ईरान के भीतर सैन्य ठिकानों पर नए हमले किए - BBC

मध्य पूर्व में महायुद्ध की आहट: अमेरिका और ईरान के बीच सीधा सैन्य संघर्ष तेज, शांति समझौते पर टिकी दुनिया की निगाहें नई दिल्ली/वाशिंगटन/तेहरान: मध्य पूर्व में दशकों से जारी तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। विश्व प्रेस इंडिया की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान की सीमाओं के भीतर स्थित रणनीतिक सैन्य ठिकानों पर विनाशकारी हवाई हमले किए हैं। यह कार्रवाई हाल के वर्षों में ईरान पर किया गया सबसे बड़ा और सीधा प्रहार माना जा रहा है। बीबीसी और अन्य अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों के अनुसार, इन हमलों ने न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे को हिलाकर रख दिया है, बल्कि वैश्विक तेल आपूर्ति और कूटनीतिक स्थिरता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बंदर अब्बास और सैन्य ठिकानों पर अमेरिकी प्रहार ताजा घटनाक्रम में अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) ने पुष्टि की है कि उसके लड़ाकू विमानों और मिसाइलों ने ईरान के भीतर कई उच्च-मूल्य वाले सैन्य लक्ष्यों को निशाना बनाया है। इनमें प्रमुख रूप से ईरान का रणनीतिक बंदरगाह 'बंदर अब्बास' और वहां स्थित नौसैनिक बुनियादी ढांचे शामिल हैं।...

त्विषा शर्मा की सास, पूर्व जज गिरिबाला सिंह को सीबीआई ने किया गिरफ़्तार - BBC

त्विषा शर्मा मौत मामला: पूर्व जज गिरिबाला सिंह को सीबीआई ने किया गिरफ्तार; सबूतों से छेड़छाड़ और गंभीर चोटों के निशान बने आधार नई दिल्ली/प्रयागराज: कानून की रक्षक रहीं एक पूर्व न्यायाधीश अब खुद कानून के शिकंजे में हैं। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अपनी बहू त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के मात्र 17 घंटे के भीतर की गई है। सीबीआई की इस कार्रवाई ने कानूनी और प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि आरोपी खुद एक सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारी हैं। सीबीआई सूत्रों के अनुसार, गिरिबाला सिंह से लगभग छह घंटे से अधिक समय तक सघन पूछताछ की गई। जांच एजेंसी ने पाया कि उनके जवाबों में निरंतर विरोधाभास था और वे जांच में सहयोग नहीं कर रही थीं। इसके बाद, साक्ष्यों के आधार पर उन्हें हिरासत में ले लिया गया। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई अब उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है, ताकि घटना की कड़ियां जोड़ी जा सकें। हाईकोर्ट की स...

सिद्धारमैया ने छोड़ी कर्नाटक के सीएम की कुर्सी, डीके शिवकुमार होंगे अगले मुख्यमंत्री - BBC

कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन: सिद्धारमैया का इस्तीफा, 'संकटमोचक' डीके शिवकुमार संभालेंगे मुख्यमंत्री की कमान कर्नाटक की राजनीति में पिछले कई महीनों से जारी कयासों पर अब विराम लग गया है। राज्य के दिग्गज नेता सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद से औपचारिक रूप से इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और अब तक उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी निभा रहे डीके शिवकुमार के अगले मुख्यमंत्री बनने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। कांग्रेस आलाकमान के इस फैसले ने दक्षिण भारत के इस महत्वपूर्ण राज्य में सत्ता के हस्तांतरण की प्रक्रिया को आधिकारिक रूप दे दिया है। भावुक विदाई: '20 सालों में बहुत चिल्लाया, दिल पर मत लेना' अपने इस्तीफे से पहले सिद्धारमैया ने कैबिनेट की आखिरी बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान माहौल काफी भावुक नजर आया। दशकों तक कर्नाटक की राजनीति के केंद्र में रहे सिद्धारमैया ने अपने मंत्रियों और सहयोगियों को संबोधित करते हुए कहा, "पिछले 20 सालों में मैंने आप लोगों पर बहुत चिल्लाया होगा, काम को लेकर सख्ती दिखाई होगी, लेकिन उसे दिल पर मत लेना। वह सब केवल प्रशासन और जन...

कर्नाटक: सिद्धारमैया देंगे इस्तीफ़ा, डीके शिवकुमार बनेंगे मुख्यमंत्री - BBC

कर्नाटक की राजनीति में बड़ा उलटफेर: सिद्धारमैया का मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा, डीके शिवकुमार को मिली राज्य की कमान कर्नाटक के सियासी गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य की सत्ता के शीर्ष पर एक बड़ा नेतृत्व परिवर्तन होने जा रहा है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आधिकारिक तौर पर अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है, जिसके बाद अब प्रदेश की कमान 'कांग्रेस के संकटमोचक' कहे जाने वाले डीके शिवकुमार के हाथों में होगी। लंबे समय से चल रही अटकलों और पार्टी के भीतर जारी सत्ता संघर्ष के बाद, कांग्रेस आलाकमान ने इस बड़े बदलाव पर अपनी मुहर लगा दी है। यह घटनाक्रम केवल एक पद का हस्तांतरण नहीं है, बल्कि कर्नाटक कांग्रेस के भीतर सत्ता के संतुलन को साधने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। 2023 के विधानसभा चुनावों में शानदार जीत के बाद से ही सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान की खबरें आती रही थीं। उस वक्त दिल्ली में हुई मैराथन बैठकों के बाद यह फार्मूला तय हुआ था कि कार्यकाल के दौरान नेतृत्व में परिवर्तन किया जाएगा। आज सिद्धा...

कर्नाटक: सिद्धारमैया देंगे इस्तीफ़ा, डीके शिवकुमार बनेंगे मुख्यमंत्री - BBC

कर्नाटक की राजनीति में बड़ा फेरबदल: सिद्धारमैया का इस्तीफा, डीके शिवकुमार संभालेंगे राज्य की कमान कर्नाटक की सियासत में पिछले कई दिनों से चल रही खींचतान और अटकलों पर अब पूरी तरह से विराम लग गया है। राज्य की राजनीति में एक बड़े युगांतरकारी बदलाव के तहत, वर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया अपने पद से इस्तीफा देने जा रहे हैं। कांग्रेस आलाकमान के साथ हुई मैराथन बैठकों और सत्ता हस्तांतरण के फार्मूले के तहत अब राज्य की कमान 'संकटमोचक' माने जाने वाले डीके शिवकुमार के हाथों में होगी। यह घटनाक्रम न केवल कर्नाटक बल्कि आगामी राष्ट्रीय चुनावों के मद्देनजर भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सत्ता का हस्तांतरण और भावुक विदाई बेंगलुरु के राजनीतिक गलियारों में आज सुबह से ही हलचल तेज थी। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, सिद्धारमैया कुछ ही समय में राजभवन जाकर अपना आधिकारिक इस्तीफा सौंपेंगे। इस्तीफे से पहले हुई एक महत्वपूर्ण ब्रेकफास्ट मीटिंग के दौरान बेहद भावुक दृश्य देखने को मिले। कर्नाटक के भावी मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सिद्धारमैया के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया और उन्हें गले लगाया। इस मुला...

अमेरिका ने ईरान के भीतर सैन्य ठिकानों पर नए हमले किए - BBC

मध्य पूर्व में महायुद्ध की आहट: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सीधा सैन्य टकराव मध्य पूर्व में दशकों से चल रहा शीत युद्ध अब एक अत्यंत खतरनाक और विस्फोटक मोड़ पर पहुँच गया है। हालिया घटनाक्रमों ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है क्योंकि संयुक्त राज्य अमेरिका ने पहली बार ईरान की सीमाओं के भीतर स्थित सैन्य ठिकानों पर सीधे हमले किए हैं। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, वाशिंगटन ने इन हमलों की पुष्टि करते हुए इसे आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बताया है। यह घटनाक्रम इसलिए भी गंभीर है क्योंकि अब तक दोनों देश एक-दूसरे के खिलाफ छद्म युद्ध (Proxy War) में शामिल थे, लेकिन सीधे हमले ने इस संघर्ष के 'पूर्ण युद्ध' में बदलने की आशंका बढ़ा दी है। ईरान का पलटवार: अमेरिकी एयरबेस पर ताबड़तोड़ हमले अमेरिकी हमले के जवाब में ईरान ने भी कड़ा रुख अख्तियार किया है। हिंदुस्तान हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमेरिकी एयरबेस पर मिसाइलों से ताबड़तोड़ हमले किए हैं। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने अपनी आक्रामक गत...

ईरान की नाकेबंदी हटाने को तैयार अमेरिका, बदले में खुलेगा होर्मुज, जंग पर बड़ी खबर! - AajTak

मध्य पूर्व में कूटनीतिक हलचल: क्या अमेरिका और ईरान के बीच खत्म होगा दशकों पुराना गतिरोध? मध्य पूर्व की भू-राजनीति एक ऐसे निर्णायक मोड़ पर खड़ी है, जहां युद्ध की आहट और शांति की पहल दोनों साथ-साथ चल रही हैं। हालिया अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों ने इस बात के पुख्ता संकेत दिए हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को कम करने के लिए पर्दे के पीछे बड़ी तैयारी चल रही है। विश्व प्रसिद्ध समाचार एजेंसी वर्ल्ड प्रेस इंडिया की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ईरान पर लगी आर्थिक और सामरिक नाकेबंदी को हटाने पर विचार कर रहा है, बशर्ते ईरान रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए पूरी तरह खुला रखने और परमाणु गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए तैयार हो जाए। होर्मुज जलडमरूमध्य: वैश्विक अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा ईरान और ओमान के बीच स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल गलियारा है। वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है। ईरान ने कई बार धमकियां दी हैं कि यदि उसकी अर्थव्यवस्था पर प्रतिबंध जारी रह...

Hormuz Reopen: अमेरिका-ईरान में शांति समझौते का ड्राफ्ट तैयार! होर्मुज जलडमरूमध्य से हटेगी पाबंदी, अमेरिकी सेना भी लौटेगी - Navbharat Times

मध्य पूर्व में कूटनीति की नई करवट: क्या अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की पटकथा तैयार है? मध्य पूर्व (Middle East) में पिछले कई महीनों से जारी भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध के बादलों के बीच एक बड़ी कूटनीतिक सुगबुगाहट देखने को मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया और रणनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच एक व्यापक शांति समझौते का मसौदा (Draft Agreement) तैयार किया जा रहा है। इस संभावित समझौते का सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण पहलू होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से पाबंदियों का हटना और क्षेत्र से अमेरिकी सेना की क्रमिक वापसी माना जा रहा है। विश्व प्रेस इंडिया के विश्लेषण के अनुसार, यदि यह समझौता धरातल पर उतरता है, तो यह न केवल खाड़ी क्षेत्र बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए भी एक क्रांतिकारी मोड़ साबित होगा। होर्मुज जलडमरूमध्य: वैश्विक अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा पर सुलह की उम्मीद दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। ईरान द्वारा अक्सर इस मार्ग को बंद करने की धमकियों ने वैश्विक तेल कीमतों में अस्थ...

'भारी वस्तु से मारपीट और हिंसा', ट्विशा शर्मा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या है, दहेज हत्या, साजिश या कुछ और CBI सुलझाएगी गुत्थी - Navbharat Times

ट्विशा शर्मा मामला: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 'भारी वस्तु से प्रहार' का खुलासा, क्या CBI बेनकाब करेगी दहेज हत्या की साजिश? नई दिल्ली/मुंबई: ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने एक बार फिर समाज और न्याय व्यवस्था के सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्ल्ड प्रेस इंडिया की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में हर बीतते दिन के साथ नई परतें खुल रही हैं। जिसे शुरुआत में एक सामान्य घरेलू विवाद या दुर्घटना के रूप में पेश करने की कोशिश की गई थी, अब वह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सीबीआई (CBI) की प्रारंभिक जांच के बाद एक सोची-समझी साजिश और नृशंस हिंसा की ओर इशारा कर रही है। मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा ट्विशा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ है। मेडिकल विशेषज्ञों द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि ट्विशा के शरीर पर चोट के ऐसे निशान मिले हैं, जो किसी 'भारी वस्तु से प्रहार' के कारण बने थे। इसके अतिरिक्त, शरीर पर हाथापाई और संघर्ष के निशान इस बात की पुष्टि करते हैं कि मौत से पहले ट्विशा ने अपनी जान बचाने के लिए कड़ा संघर्ष किया ...

इस हफ्ते कहां आएगा आंधी-तूफान, कहां होगी बारिश, कहीं भी घूमने जाने से पहले पढ़ें IMD का ये अलर्ट - AajTak

मौसम का मिजाज: एक तरफ भीषण गर्मी और 'नौतपा' का कहर, तो दूसरी ओर आंधी-बारिश का अलर्ट; जानें आपके राज्य का हाल भारत इस समय मौसम के दो चरम छोरों का सामना कर रहा है। जहां उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्से भीषण गर्मी और लू (Heatwave) की चपेट में हैं, वहीं कुछ राज्यों में तेज आंधी और बारिश ने दस्तक दे दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी दिनों के लिए एक विस्तृत चेतावनी जारी की है, जिसमें यात्रियों और स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विश्व प्रेस इंडिया की इस विशेष रिपोर्ट में हम आपको बताएंगे कि इस हफ्ते देश के किन हिस्सों में सूरज की तपिश और बढ़ेगी और कहां इंद्रदेव की मेहरबानी से राहत मिलेगी। नौतपा की शुरुआत और भीषण गर्मी का रेड अलर्ट मई का आखिरी सप्ताह भारतीय कैलेंडर के अनुसार 'नौतपा' का समय होता है, जिसे साल के सबसे गर्म नौ दिन माना जाता है। इस वर्ष नौतपा ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। आईएमडी (IMD) के अनुसार, दिल्ली, राजस्थान और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में अगले तीन दिनों तक स्थिति काफी गंभीर रहने वाली है। राजस्थान के कुछ इलाकों में पार...

महुआ मोइत्रा, मनोज झा, सुप्रिया सुले और केसी वेणुगोपाल दौड़े-दौड़े सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए, उल्टे पांव लौटना पड़ा - Navbharat Times

चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर विपक्ष को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका: 2023 के नए कानून पर रोक लगाने से इनकार भारत के लोकतांत्रिक ढांचे में चुनाव आयोग की निष्पक्षता हमेशा से एक केंद्रीय विषय रही है। हाल ही में, विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं— महुआ मोइत्रा, मनोज झा, सुप्रिया सुले और केसी वेणुगोपाल —द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यालय की अवधि) अधिनियम, 2023 की वैधता को चुनौती देने वाली इन याचिकाओं पर कोर्ट ने फिलहाल कोई भी अंतरिम रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया है। इस फैसले को विपक्षी खेमे के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है, जो केंद्र सरकार द्वारा चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में किए गए बदलावों का विरोध कर रहे थे। क्या है विवाद की मुख्य जड़? विवाद की शुरुआत तब हुई जब केंद्र सरकार ने 2023 में एक नया कानून पारित किया, जिसने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए बनी चयन समिति की संरचना को बदल दिया। इससे पहले, मार्च 2023 में सुप्रीम कोर्ट की एक...

SIR पर मुहर, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- चुनाव आयोग का ये अधिकार है, प्रक्रिया में कोई खामी नहीं - Navbharat Times

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: चुनाव आयोग की 'SIR' प्रक्रिया पर लगी मुहर, याचिकाओं को किया खारिज भारतीय लोकतंत्र की शुद्धता और निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर देश की शीर्ष अदालत ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग द्वारा अपनाई जाने वाली 'स्पेसिफिक इंक्वायरी रिपोर्ट' (SIR) की प्रक्रिया को पूरी तरह से वैध करार दिया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची से संदिग्ध नामों को हटाने और उसकी सटीकता सुनिश्चित करने का अधिकार पूरी तरह से चुनाव आयोग के पास सुरक्षित है। इस फैसले के साथ ही उन तमाम याचिकाओं पर विराम लग गया है, जिनमें इस प्रक्रिया में खामियां होने का दावा किया गया था। निर्वाचन आयोग की शक्तियों का सम्मान न्यायमूर्ति की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। कोर्ट ने अपने आदेश में रेखांकित किया कि SIR (Specific Inquiry Report) तैयार करने की प्रक्रिया में कोई प्रक्रियागत खामी नहीं है। शीर्ष अदालत ने माना कि ...

महुआ मोइत्रा, मनोज झा, सुप्रिया सुले और केसी वेणुगोपाल दौड़े-दौड़े सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए, ऐसा क्या हो गया? - Navbharat Times

लोकतंत्र की शुचिता और मतदाता सूची: विपक्षी नेताओं की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला भारतीय राजनीति के गलियारों में चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर हमेशा से बहस होती रही है। हाल ही में यह बहस देश की सर्वोच्च अदालत, सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे तक जा पहुंची, जब विपक्ष के कई दिग्गज नेताओं ने चुनाव आयोग के एक विशेष अधिकार को चुनौती दी। महुआ मोइत्रा (TMC), मनोज झा (RJD), सुप्रिया सुले (NCP) और केसी वेणुगोपाल (Congress) जैसे प्रमुख नेताओं द्वारा दायर इस याचिका ने राजनीतिक और कानूनी क्षेत्रों में हलचल मचा दी थी। यह मामला मुख्य रूप से चुनाव आयोग द्वारा किए जाने वाले विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (Special Summary Revision - SIR) की प्रक्रिया और उसके तहत मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के अधिकार से जुड़ा था। क्या है SIR और विपक्षी नेताओं की चिंता का कारण? चुनाव आयोग समय-समय पर मतदाता सूचियों को अपडेट करने के लिए SIR (Special Summary Revision) की प्रक्रिया अपनाता है। इसका मुख्य उद्देश्य फर्जी मतदाताओं के नाम हटाना, मृतकों के नाम काटना और नए मतदाताओं के नाम जोड़ना होता है ताकि चुनाव...

अमेरिका के हालिया हमलों पर ईरानी विदेश मंत्रालय ने क्या कहा - BBC

मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव: अमेरिकी हमलों और ईरानी जवाबी कार्रवाई से युद्ध की आहट पश्चिमी एशिया (मिडिल ईस्ट) के सामरिक परिदृश्य में एक बार फिर गंभीर सैन्य हलचल तेज हो गई है। अमेरिका द्वारा ईरान से जुड़े ठिकानों पर किए गए हालिया हवाई हमलों ने क्षेत्र में अस्थिरता को चरम पर पहुँचा दिया है। विश्व की तेल आपूर्ति के सबसे महत्वपूर्ण मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के निकट हुई इस सैन्य कार्रवाई ने न केवल राजनयिक संबंधों को प्रभावित किया है, बल्कि एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका को भी जन्म दे दिया है। होर्मुज के पास अमेरिकी बमबारी और सामरिक महत्व हालिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी सेना ने उन ठिकानों को निशाना बनाया है जहाँ से ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण बनाए रखता है। अमेरिकी रक्षा विभाग का दावा है कि ये हमले उन मिसाइल साइटों और सैन्य बुनियादी ढांचों पर किए गए, जो अंतरराष्ट्रीय जहाजों और अमेरिकी हितों के लिए खतरा पैदा कर रहे थे। गौरतलब है कि होर्मुज वह संकीर्ण समुद्री मार्ग है जहाँ से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल गुजरता है। इस क्षेत्र पर नियंत्रण की कोशिशें सीध...

RCB vs GT Qualifier 1: रजत पाटीदार की धमाकेदार पारी, आरसीबी ने बनाया प्लेऑफ इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर, आखिरी 5 ओवर में बने 86 रन - Navbharat Times

IPL 2026, RCB vs GT Qualifier 1: धर्मशाला में रजत पाटीदार का तूफान, आरसीबी ने 254 रन बनाकर रचा इतिहास आईपीएल 2026 के पहले क्वालीफायर मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने क्रिकेट के तमाम कीर्तिमानों को ध्वस्त करते हुए गुजरात टाइटंस (GT) के सामने पहाड़ जैसा लक्ष्य खड़ा किया है। धर्मशाला के सुरम्य एचपीसीए स्टेडियम में खेले गए इस निर्णायक मैच में आरसीबी के बल्लेबाजों ने आक्रामक रुख अपनाते हुए 20 ओवरों में 254 रनों का विशाल स्कोर बनाया। यह न केवल इस सीजन का, बल्कि आईपीएल प्लेऑफ के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है। इस ऐतिहासिक पारी के सूत्रधार रहे रजत पाटीदार, जिन्होंने अपनी धमाकेदार बल्लेबाजी से गुजरात के गेंदबाजों को पूरी तरह से बैकफुट पर धकेल दिया। रजत पाटीदार की मास्टरक्लास: 93 रनों की आतिशी पारी मैच की शुरुआत से ही आरसीबी के बल्लेबाजों ने अपने इरादे साफ कर दिए थे। सलामी बल्लेबाजों ने ठोस नींव रखी, लेकिन खेल का असली रोमांच तब शुरू हुआ जब रजत पाटीदार क्रीज पर आए। पाटीदार ने मैदान के चारों ओर शॉट्स खेलते हुए मात्र कुछ ही गेंदों में मैच का रुख बदल दिया। उन्होंने अपनी 93...

Iran War: अमेरिका को ईरान की खुली चुनौती: 'सीजफायर तोड़ा तो खैर नहीं', मार गिराया अमेरिकी MQ-9 ड्रोन - Navbharat Times

मध्य पूर्व में महायुद्ध की आहट: ईरान ने मार गिराया अमेरिकी MQ-9 ड्रोन, अमेरिका की जवाबी कार्रवाई से तनाव चरम पर मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में एक बार फिर युद्ध के बादल गहरे होते जा रहे हैं। ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच दशकों से चला आ रहा तनाव अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जहां से वापसी की राह कठिन नजर आ रही है। ताजा घटनाक्रम में, ईरान ने अमेरिकी सेना के सबसे आधुनिक और घातक हथियारों में से एक, MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है। इस घटना ने न केवल वाशिंगटन को अचंभित किया है, बल्कि पूरे क्षेत्र में पूर्ण पैमाने पर युद्ध की आशंका को जन्म दे दिया है। विश्व प्रेस इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, यह कार्रवाई ईरान द्वारा अमेरिका को दी गई एक सीधी और खुली सैन्य चुनौती है। होर्मुज जलडमरूमध्य के पास संघर्ष: अमेरिकी जवाबी हमले ईरानी मीडिया और अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों के अनुसार, अमेरिकी ड्रोन को उस समय निशाना बनाया गया जब वह कथित तौर पर ईरानी हवाई क्षेत्र के करीब जासूसी मिशन पर था। हालांकि, अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। बीबीसी की रिपो...

फिर भड़की ईरान-अमेरिका जंग? US सेना ने बोला हमला, होर्मुज से सटे बंदर अब्बास में धमाके - Hindustan Hindi News

मध्य पूर्व में महायुद्ध की आहट? ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य संघर्ष तेज, होर्मुज के पास भीषण धमाके नई दिल्ली/तेहरान: मध्य पूर्व में एक बार फिर युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच दशकों पुराने तनाव ने अब एक नया और खतरनाक मोड़ ले लिया है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, सामरिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास स्थित ईरानी बंदरगाह बंदर अब्बास में भीषण धमाकों की आवाज सुनी गई है। बताया जा रहा है कि अमेरिकी सेना ने ईरानी ठिकानों पर लक्षित हमले किए हैं, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। विश्व प्रेस इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, यह सैन्य टकराव वैश्विक तेल आपूर्ति और वैश्विक सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा पैदा कर सकता है। अमेरिकी कार्रवाई और बंदर अब्बास में गूँजते धमाके प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमेरिकी सेना ने होर्मुज के पास स्थित ईरानी सैन्य ठिकानों और मिसाइल साइटों को निशाना बनाया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बंदर अब्बास के पास आसमान में धुएं के गुबार और तेज धमाकों की पुष्टि की है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है क...

अमेरिका ने ईरान में फिर शुरू किए हमले - BBC

पश्चिम एशिया में युद्ध की आहट: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव और होर्मुज में भीषण गोलाबारी पश्चिमी एशिया में एक बार फिर युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान के रणनीतिक ठिकानों पर नए सिरे से हमले शुरू कर दिए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता और तनाव का माहौल चरम पर पहुंच गया है। ताजा सैन्य घटनाक्रमों में अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के निकट स्थित ईरानी सैन्य प्रतिष्ठानों और मिसाइल साइटों को निशाना बनाया है। यह कार्रवाई उस दावे के बाद की गई है जिसमें कहा गया था कि ईरान ने अमेरिकी वायुसेना के एक अत्याधुनिक MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया है। होर्मुज जलडमरूमध्य और बंदर अब्बास में भीषण धमाके रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान के उन क्षेत्रों में सटीक मिसाइल हमले किए हैं, जहां से ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण रखता है। बंदर अब्बास के निकट स्थित सैन्य अड्डों पर हुए इन धमाकों की गूंज दूर-दराज के इलाकों तक सुनी गई। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल पारगमन मार्गों में से एक है, और यहां किसी भी प्रकार का सैन्य...

ईरान से समझौते पर किन बातों को लेकर बंटे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी के सांसद - BBC

ईरान नीति पर विभाजित रिपब्लिकन पार्टी: राष्ट्रपति ट्रंप के सख्त रुख और कूटनीति के बीच फंसी अमेरिकी राजनीति मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है जहां न केवल अंतरराष्ट्रीय समीकरण बदल रहे हैं, बल्कि अमेरिकी घरेलू राजनीति में भी गहरी दरारें दिखाई देने लगी हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान नीति को लेकर उनकी अपनी ही रिपब्लिकन पार्टी के भीतर मतभेद उभरकर सामने आए हैं। जहां एक ओर ट्रंप प्रशासन ईरान पर 'अधिकतम दबाव' की नीति को सैन्य कार्रवाई के स्तर तक ले जा रहा है, वहीं पार्टी के भीतर एक धड़ा इस दृष्टिकोण की दीर्घकालिक सफलता को लेकर आशंकित है। होर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य टकराव: सीजफायर के बीच मिसाइल हमले हालिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी सेना ने सामरिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी नौकाओं पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं। दावों के मुताबिक, अमेरिकी मिसाइलों ने न केवल ईरानी बोट्स को निशाना बनाया, बल्कि ईरान के कुछ सक्रिय मिसाइल ठिकानों को भी ध्वस्त कर दिया है। यह कार्रवाई उस समय हुई है जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस क्षेत्र में सीजफायर यानी यु...

अमेरिका ने ईरान में फिर शुरू किए हमले - BBC

मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव: अमेरिका ने ईरान के रणनीतिक ठिकानों पर की बड़ी एयरस्ट्राइक; होर्मुज जलडमरूमध्य में मिसाइल साइट्स तबाह मध्य पूर्व में युद्ध के बादल और गहरे होते जा रहे हैं। वैश्विक शक्तियों के बीच बढ़ते गतिरोध के बीच, संयुक्त राज्य अमेरिका ने एक बार फिर ईरान से जुड़े ठिकानों पर भीषण हमले किए हैं। ताजा सैन्य कार्रवाई में अमेरिकी सेना ने ईरान समर्थित समूहों और उनकी सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया है। पेंटागन के अनुसार, ये हमले 'आत्मरक्षा' (Self-Defense) के तहत किए गए हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्ग को सुरक्षित करना और अमेरिकी संपत्ति पर होने वाले संभावित हमलों को रोकना है। होर्मुज जलडमरूमध्य: सामरिक टकराव का नया केंद्र ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) ने पुष्टि की है कि उनकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास स्थित ईरान की मिसाइल लॉन्च साइटों और उन नावों को निशाना बनाया है जो समुद्र में बारूदी सुरंगें (Sea Mines) बिछाने की तैयारी कर रही थीं। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल पारगमन बि...

तमिलनाडु का CM बनते ही थलापति विजय ने राहुल गांधी के सामने कर दिया बड़ा ऐलान, कहा- - ABP News

तमिलनाडु में 'थलापति' युग का आगाज: मुख्यमंत्री बनते ही विजय ने राहुल गांधी की मौजूदगी में किया बड़ा ऐलान, विरोधियों के निशाने पर आए नए 'कप्तान' दक्षिण भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में शुमार थलापति विजय ने अब राजनीति के पर्दे पर अपनी सबसे बड़ी और वास्तविक भूमिका स्वीकार कर ली है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के साथ ही विजय ने राज्य की सियासत में एक नए अध्याय की शुरुआत की है। उनके शपथ ग्रहण समारोह ने न केवल समर्थकों में उत्साह भर दिया, बल्कि विपक्षी खेमे में भी खलबली मचा दी है। मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालते ही विजय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की उपस्थिति में एक ऐसी घोषणा की, जिसने भविष्य के राजनीतिक समीकरणों की ओर इशारा कर दिया है। शपथ ग्रहण के बाद राहुल गांधी के सामने बड़ा ऐलान और पीएम मोदी को धन्यवाद मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के तुरंत बाद थलापति विजय ने मंच से अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं। इस दौरान मंच पर कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी भी मौजूद थे। विजय ने राहुल गांधी की उपस्थिति में तमिलनाडु की जनता के लिए बड़े जनहितकारी कार्यक्रमों...

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय का मोदी सरकार को लेकर रुख़ क्या होगा? - BBC

तमिलनाडु की सियासत में 'थलपति' विजय का उदय: मोदी सरकार के प्रति रुख और भविष्य की चुनौतियां तमिलनाडु की राजनीति एक ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ी है। तमिल सिनेमा के महानायक और 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) के संस्थापक विजय ने मुख्यमंत्री की कमान संभालते ही राज्य की राजनीतिक बिसात पर अपनी चालें स्पष्ट कर दी हैं। अभिनेता से राजनेता बने विजय के सामने न केवल राज्य की जटिल प्रशासनिक व्यवस्था को संभालने की चुनौती है, बल्कि केंद्र की मोदी सरकार के साथ उनके भावी संबंध भी पूरे देश में चर्चा का विषय बने हुए हैं। उनकी इस नई पारी ने राज्य की पारंपरिक द्रविड़ राजनीति में एक नई हलचल और प्रतिस्पर्धा पैदा कर दी है। मोदी सरकार और केंद्र-राज्य संबंधों पर विजय का दृष्टिकोण राजनीतिक विश्लेषकों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि मुख्यमंत्री विजय का रुख केंद्र की मोदी सरकार के प्रति कैसा रहेगा। तमिलनाडु का राजनीतिक इतिहास हमेशा से भाषाई पहचान और राज्य की स्वायत्तता को लेकर केंद्र के साथ टकराव का रहा है। विजय ने अपने शुरुआती संकेतों में स्पष्ट किया है कि वह राज्य के अधिकारों के मुद्दे पर कोई समझौता नही...

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय का मोदी सरकार को लेकर रुख़ क्या होगा? - BBC

तमिलनाडु की राजनीति में 'थलापति' युग का उदय: मुख्यमंत्री विजय की नई पारी और केंद्र के साथ समीकरण तमिलनाडु की सियासत में एक नए अध्याय की शुरुआत हो चुकी है। सिनेमाई पर्दे पर दशकों तक राज करने वाले 'थलापति' जोसेफ विजय ने अब राज्य की प्रशासनिक कमान संभाल ली है। उनके मुख्यमंत्री बनने के साथ ही न केवल तमिलनाडु, बल्कि देश की राजनीति में भी यह चर्चा तेज हो गई है कि एक फिल्म स्टार से राजनेता बने विजय का शासन मॉडल क्या होगा? विशेष रूप से, केंद्र की मोदी सरकार के साथ उनके संबंधों की दिशा क्या होगी और क्या वह द्रविड़ राजनीति की पारंपरिक विचारधारा को आगे बढ़ाएंगे या अपनी एक अलग राह चुनेंगे। शपथ ग्रहण के बाद से ही विजय के तेवर और उनके द्वारा किए गए बड़े फैसलों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह राज्य में एक बड़ा बदलाव लाने के लिए तैयार हैं। मोदी सरकार के प्रति रुख और भविष्य की चुनौतियां राजनीतिक विश्लेषकों की नजर इस बात पर टिकी है कि मुख्यमंत्री विजय का रुख केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति कैसा रहेगा। तमिलनाडु का इतिहास रहा है कि यहाँ की क्षेत्रीय सरकारें अक्सर भ...

तमिलनाडु: सी जोसेफ़ विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही लिए ये तीन फ़ैसले - BBC

तमिलनाडु में नए युग का उदय: मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही सी. जोसेफ़ विजय ने किए बड़े जनहितकारी ऐलान दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार से राजनेता बने सी. जोसेफ़ विजय (लोकप्रिय नाम 'थलपति' विजय) ने आज तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर राज्य की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत कर दी है। अपनी पार्टी 'तमिलगा वेत्री कज़गम' (TVK) की ऐतिहासिक जीत के बाद, विजय ने न केवल सत्ता की बागडोर संभाली, बल्कि पदभार ग्रहण करते ही कुछ ऐसे बड़े फैसले लिए हैं, जो राज्य की जनता के भविष्य की दिशा तय करेंगे। तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य में इस बदलाव को एक बड़े शक्ति परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है। ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह और प्रधानमंत्री की बधाई चेन्नई में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान सी. जोसेफ़ विजय ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की गोपनीयता की शपथ ली। इस अवसर पर भारी जनसैलाब उमड़ा, जो अपने प्रिय अभिनेता को अब अपने जननायक के रूप में देखने के लिए उत्साहित था। विजय की इस नई पारी पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें बधाई दी और राज्य की उन्नति के लिए केंद्र व...