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Showing posts from July, 2026

आप नाराज हो रहे हैं, प्रियंका गांधी ने बीच भाषण में किससे की एक बार मुस्कुराने की अपील; लगे ठहाके - Hindustan

संसद में प्रियंका गांधी का पदार्पण: तीखे प्रहार, 'मुस्कुराहट' की अपील और 'दिल के एंगल' पर छिड़ी नई बहस भारतीय संसद के निचले सदन यानी लोकसभा में इन दिनों एक नई ऊर्जा और तल्खी का मेल देखने को मिल रहा है। वायनाड से नवनिर्वाचित सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सदन की कार्यवाही में अपनी सक्रिय भागीदारी से न केवल विपक्ष के हौसले बुलंद किए हैं, बल्कि सत्ता पक्ष को भी कड़े सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। हाल ही में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान प्रियंका गांधी का अंदाज चर्चा का केंद्र बना रहा, जहाँ उन्होंने गंभीर राजनीतिक प्रहारों के बीच मानवीय संवेदनाओं और हास्य का पुट भी पिरोया। "आप नाराज हो रहे हैं, थोड़ा मुस्कुराइए": जब गूंजे ठहाके सदन की कार्यवाही के दौरान एक ऐसा क्षण आया जिसने तनावपूर्ण माहौल को पूरी तरह बदल दिया। अपनी बात रखते हुए प्रियंका गांधी ने महसूस किया कि लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) उनकी टिप्पणियों से कुछ असहज या सख्त नजर आ रहे हैं। इस पर उन्होंने सीधे स्पीकर की ओर मुखातिब होकर बेहद सहजता से कहा, "आप मुझ पर नाराज हो रहे हैं, थ...

Parliament Monsoon Session LIVE: प्रियंका गांधी के बयान पर संसद में हंगामा, रिजिजू बोले- माफी मांगें - ABP News

संसद का मानसून सत्र: प्रियंका गांधी के तीखे प्रहार और सत्ता पक्ष का पलटवार, किरण रिजिजू ने की माफी की मांग संसद के वर्तमान मानसून सत्र में उस समय भारी राजनीतिक सरगर्मी और हंगामा देखने को मिला जब वायनाड से नवनिर्वाचित कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने लोकसभा में अपना पहला भाषण दिया। प्रियंका गांधी के सदन में प्रवेश और उनके तेवरों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि विपक्ष अब और अधिक आक्रामक रुख अपनाने के मूड में है। हालांकि, उनके भाषण के दौरान कई ऐसे मोड़ आए जिसने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक को जन्म दे दिया। सदन में तल्खी: किरण रिजिजू ने की माफी की मांग प्रियंका गांधी के संबोधन के दौरान सबसे बड़ा विवाद तब खड़ा हुआ जब उन्होंने सरकार की नीतियों और विशेष रूप से कुछ मंत्रियों के कामकाज पर टिप्पणी की। प्रियंका गांधी के बयानों को 'तथ्यों से परे' और 'संसदीय गरिमा के प्रतिकूल' बताते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने मोर्चा संभाल लिया। रिजिजू ने सदन में खड़े होकर प्रियंका गांधी के दावों पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि सदन में बिना किसी पुख्ता प्रमाण ...

संसद का मानसून सत्र: एंटी पेपर लीक विधेयक पर आज होगी चर्चा, सरकार और विपक्ष तैयार - Jagran

संसद का मानसून सत्र: एंटी-पेपर लीक विधेयक पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस; कड़े प्रावधानों के साथ नई रणनीति तैयार भारत में प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता और युवाओं के भविष्य को लेकर मचे घमासान के बीच, संसद के मानसून सत्र में 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक' यानी एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। पिछले कुछ महीनों में नीट (NEET) और यूजीसी-नेट (UGC-NET) जैसी बड़ी परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक की घटनाओं ने देश के करोड़ों छात्रों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया था। इसी पृष्ठभूमि में, सरकार अब एक ऐसे कानूनी ढांचे के साथ सामने आई है, जिसे वह शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने वाला एक ऐतिहासिक कदम बता रही है। सख्त सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान इस प्रस्तावित विधेयक की सबसे बड़ी विशेषता इसके कड़े दंडात्मक प्रावधान हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि परीक्षाओं में नकल कराने वाले संगठित गिरोहों और पेपर लीक करने वाले माफियाओं के लिए अब बचना नामुमकिन होगा। विधेयक के मसौदे के अनुसार, दोषी पाए जाने वाले अपराधियों को 10 साल तक ...

संसद का मानसून सत्र: एंटी पेपर लीक विधेयक पर आज होगी चर्चा, सरकार और विपक्ष तैयार - Jagran

संसद का मानसून सत्र: एंटी-पेपर लीक विधेयक पर जोरदार बहस, शिक्षा व्यवस्था की शुचिता पर सरकार और विपक्ष के बीच आर-पार भारत की संसदीय कार्यवाही के इतिहास में आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है। संसद के मानसून सत्र के दौरान आज 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक' पर व्यापक चर्चा हो रही है। हाल के महीनों में नीट (NEET) और यूजीसी-नेट (UGC-NET) जैसी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं ने पूरे देश के छात्र समुदाय में आक्रोश पैदा किया है। इसी पृष्ठभूमि में, केंद्र सरकार इस कड़े कानून के माध्यम से परीक्षाओं की विश्वसनीयता बहाल करने की कोशिश कर रही है, जबकि विपक्ष इसे सरकार की विफलताओं को छिपाने का एक प्रयास मात्र बता रहा है। विधेयक के कड़े प्रावधान: 10 साल की जेल और 10 करोड़ का जुर्माना प्रस्तावित एंटी-पेपर लीक कानून के प्रावधानों ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस विधेयक के तहत, यदि कोई व्यक्ति या संस्था संगठित तरीके से पेपर लीक करने या परीक्षा में धांधली करने का दोषी पाया जाता है, तो उसके लिए अत्यंत कठोर दंड की व्यवस्था की गई है। दोषियों...

स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'शांतिपूर्ण प्रदर्शन का हक़ किसी से छीना नहीं जा सकता' - BBC

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: 'लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन नागरिकों का मौलिक अधिकार, दमन बर्दाश्त नहीं' नई दिल्ली: भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने छात्र आंदोलनों और नागरिक स्वतंत्रता के पक्ष में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और दूरगामी फैसला सुनाया है। एक हालिया सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 'शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार' लोकतंत्र की आत्मा है और इसे किसी भी नागरिक, विशेषकर छात्रों से छीना नहीं जा सकता। अदालत ने यह टिप्पणी उन याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान की, जिनमें विभिन्न राज्यों में छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की बर्बरता और मनमानी कानूनी कार्रवाई को चुनौती दी गई थी। पुलिसिया कार्रवाई पर तीखे सवाल: पैलेट गन और इलेक्ट्रिक बैटन का जिक्र न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने पुलिस द्वारा प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए अपनाए गए तरीकों पर गहरी चिंता और नाराजगी व्यक्त की। सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस से कड़े सवाल पूछते हुए कहा कि आखिर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे निहत्थे छात्रों पर 'पैलेट गन' और 'इलेक्ट्रिक बैटन' जैसे ह...

श्रेयस अय्यर समेत बाहर होंगे 14 खिलाड़ी, जानें कब होगी भारत की अगली सीरीज? - ABP News

भारतीय क्रिकेट में बड़े बदलाव की बयार: श्रीलंका दौरे के लिए टेस्ट टीम का ऐलान, श्रेयस अय्यर समेत 14 खिलाड़ी बाहर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आगामी श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम की घोषणा कर दी है। इस चयन ने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है, क्योंकि चयनकर्ताओं ने भविष्य की टीम तैयार करने के उद्देश्य से कई कड़े और चौंकाने वाले फैसले लिए हैं। सबसे बड़ा झटका मध्यक्रम के बल्लेबाज श्रेयस अय्यर को लगा है, जिन्हें खराब फॉर्म और फिटनेस संबंधी चिंताओं के कारण टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। उनके साथ ही कुल 14 खिलाड़ियों को पिछली योजनाओं से बाहर रखते हुए एक नई दिशा देने की कोशिश की गई है। सारांश जैन की सरप्राइज एंट्री और घरेलू क्रिकेट का सम्मान इस टीम चयन की सबसे बड़ी विशेषता मध्य प्रदेश के ऑफ-स्पिनिंग ऑलराउंडर सारांश जैन का टीम में शामिल होना है। घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करने वाले सारांश को पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में मौका मिला है। चयनकर्ताओं का यह फैसला साफ तौर पर दर्शाता है कि अब घरेलू सर्किट (रणजी ट्रॉफी) के प्रदर्शन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी ...

Nirav Modi: नीरव मोदी को न भेजे जाने से बहुत नाराज था भारत, अवैध प्रवासियों को लेने से कर दिया मना, UK की पूर्व गृह मंत्री का दावा - Navbharat Times

नीरव मोदी के प्रत्यर्पण में देरी पर भारत का कड़ा रुख: पूर्व ब्रिटिश गृह मंत्री प्रीति पटेल के खुलासे से कूटनीतिक गलियारों में हलचल भारत और ब्रिटेन के बीच कूटनीतिक संबंधों में समय-समय पर कई उतार-चढ़ाव देखे गए हैं, लेकिन हाल ही में ब्रिटेन की पूर्व गृह मंत्री प्रीति पटेल द्वारा किए गए दावों ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है। प्रीति पटेल ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा है कि भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के प्रत्यर्पण में हो रही अत्यधिक देरी से भारत सरकार बेहद नाराज थी। इस नाराजगी का असर इतना गहरा था कि भारत ने ब्रिटेन से आने वाले अवैध प्रवासियों को वापस लेने से तब तक इनकार कर दिया था, जब तक कि प्रत्यर्पण प्रक्रिया में ठोस प्रगति नहीं होती। प्रत्यर्पण और अवैध प्रवासियों का पेच: एक कूटनीतिक गतिरोध प्रीति पटेल, जिन्होंने बोरिस जॉनसन की सरकार के दौरान गृह मंत्री के रूप में कार्य किया था, ने स्पष्ट किया कि नीरव मोदी का मामला केवल एक कानूनी लड़ाई नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास का मुद्दा बन गया था। उनके अनुसार, नई दिल्ली ने स्पष्ट कर दिया था कि यदि ब्रिटेन भारतीय कानूनों से भ...

योगेंद्र यादव का इंटरव्यू: 'सोनम वांगचुक को अनशन तोड़ने के लिए मंत्री के हाथ से गिलास लेने की क्या ज़रूरत थी' - BBC

भारतीय राजनीति में सक्रियता और प्रतीकों की जंग: योगेंद्र यादव का सवाल और धर्मेंद्र प्रधान का 'स्ट्रीट फाइटर' अवतार भारतीय लोकतंत्र के वर्तमान परिदृश्य में विरोध प्रदर्शन, अनशन और राजनीतिक बयानबाजी केवल नीतियों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि अब यह प्रतीकों और व्यक्तिगत छवि की लड़ाई में तब्दील हो चुकी है। हालिया घटनाक्रमों ने देश के राजनीतिक विमर्श को एक नई दिशा दी है, जहाँ एक ओर सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने लद्दाख के नायक सोनम वांगचुक के अनशन तोड़ने के तरीके पर सवाल उठाए हैं, वहीं दूसरी ओर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने खुद को 'स्ट्रीट फाइटर' बताकर विपक्ष के हमलों का कड़ा जवाब दिया है। सोनम वांगचुक का अनशन और योगेंद्र यादव की तीखी प्रतिक्रिया लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने और राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर सोनम वांगचुक का आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। दिल्ली के लद्दाख भवन में चले लंबे अनशन के बाद जब वांगचुक ने अपना व्रत तोड़ा, तो इस दृश्य ने कई सवाल खड़े कर दिए। स्वराज इंडिया के संस्थापक और राजनीतिक विश्...

संसद के बाहर धर्मेंद्र प्रधान का NDA सांसदों ने किया स्वागत, पाग पहना कर ले गए अंदर - AajTak

संसद परिसर में धर्मेंद्र प्रधान का भव्य स्वागत: 'पाग' पहनाकर एनडीए सांसदों ने दी एकजुटता की चुनौती भारतीय राजनीति के केंद्र, संसद भवन के बाहर आज एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला, जिसने सत्ता पक्ष की एकजुटता और भविष्य की रणनीतियों का स्पष्ट संकेत दे दिया है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के संसद पहुँचते ही राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सांसदों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान सांसदों ने न केवल नारे लगाए, बल्कि उन्हें पारंपरिक 'पाग' (एक प्रकार की पगड़ी) पहनाकर सम्मानित भी किया। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब प्रधान के इस्तीफे और उनकी नैतिक जिम्मेदारी को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। एकजुटता का संदेश और पारंपरिक स्वागत संसद के द्वार पर एनडीए सांसदों का जमावड़ा और धर्मेंद्र प्रधान का पारंपरिक तरीके से किया गया स्वागत केवल एक शिष्टाचार नहीं, बल्कि विपक्ष के लिए एक कड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। सांसदों ने उन्हें मिथिला और उत्तर भारत की संस्कृति का प्रतीक 'पाग' पहनाया, जो सम्मान और अटूट विश्वास का प्रतिनिधित्व करत...

पेपर लीक पर बिल पेश होने से पहले सदन में हंगामा... लोकसभा की कार्यवाही स्थगित - AajTak

देशभर में पेपर लीक के खिलाफ केंद्र सरकार का बड़ा कदम: संसद में 'एंटी पेपर लीक बिल' पेश, विपक्ष के भारी शोर-शराबे के बीच लोकसभा स्थगित नई दिल्ली: भारतीय संसदीय लोकतंत्र के इतिहास में आज का दिन अत्यंत गहमागहमी भरा रहा। संसद के मानसून सत्र 2026 के दौरान केंद्र सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाली धांधली और अनियमितताओं को रोकने के उद्देश्य से 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) संशोधन विधेयक' (Public Examinations Prevention of Unfair Means Amendment Bill) लोकसभा में पेश किया। हालांकि, इस महत्वपूर्ण विधेयक के पटल पर रखे जाने से पहले ही सदन में विपक्ष ने जबरदस्त हंगामा शुरू कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप लोकसभा की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों ने हाल के महीनों में देश के विभिन्न हिस्सों में हुए पेपर लीक मामलों और दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित पुलिस बल प्रयोग के मुद्दे को लेकर सरकार को घेरना शुरू कर दिया। विपक्षी सांसदों ने 'छात्रों को न्याय दो' और 'पेपर लीक सरकार शर्म करो' जैसे नारे लग...

सीजेपी के प्रदर्शन से मोदी सरकार जिस तरह से निपटी, उससे क्या कांग्रेस को फ़ायदा होगा - BBC

सीजेपी के प्रदर्शन और मोदी सरकार का रुख: क्या कांग्रेस के लिए बन रही है सियासी जमीन? भारतीय राजनीति के वर्तमान परिदृश्य में नागरिक संगठनों, प्रदर्शनों और सरकार की उन पर प्रतिक्रिया ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है। हाल ही में सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के प्रदर्शनों और उससे निपटने के लिए मोदी सरकार द्वारा अपनाई गई रणनीति ने न केवल प्रशासनिक गलियारों में हलचल पैदा की है, बल्कि विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस के लिए एक नई उम्मीद की किरण भी जगाई है। राजनीतिक विश्लेषक अब इस बात का गहराई से आकलन कर रहे हैं कि क्या सरकार का कड़ा रुख अनजाने में कांग्रेस को राजनीतिक लाभ पहुंचा रहा है। सीजेपी जैसे संगठनों के खिलाफ सरकार और भाजपा समर्थित वकीलों का रुख बेहद आक्रामक रहा है। वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने हाल ही में सीजेपी की एक कथित 'लग्जरी पार्टी' पर सवाल उठाते हुए इसकी फंडिंग के स्रोतों पर उंगली उठाई है। जेठमलानी का तर्क है कि जो संगठन मानवाधिकारों और न्याय की बात करते हैं, उनके पास इस तरह के भव्य आयोजनों के लिए धन कहां से आता है? इस तरह के हमलों का उद्देश्य नागरिक समाज के स...

पेपर लीक पर बिल पेश होने से पहले सदन में हंगामा... लोकसभा की कार्यवाही स्थगित - AajTak

पेपर लीक के खिलाफ संसद में 'ऐतिहासिक' विधेयक पेश: हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही स्थगित, सख्त सजा का प्रावधान नई दिल्ली: भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास में आज का दिन प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। केंद्र सरकार ने देश में बढ़ते पेपर लीक के मामलों और परीक्षाओं में होने वाली धांधली पर लगाम लगाने के उद्देश्य से लोकसभा में 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) विधेयक' पेश किया। हालांकि, इस महत्वपूर्ण विधेयक के पटल पर रखे जाने से पहले ही सदन में भारी हंगामा देखने को मिला, जिसके परिणामस्वरूप लोकसभा की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा। विपक्ष का तीखा विरोध और सदन में गतिरोध जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी दलों ने पेपर लीक के हालिया मामलों और छात्र विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों के कथित व्यवहार को लेकर सरकार को घेरना शुरू कर दिया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि देश के विभिन्न हिस्सों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पैलेट गन और यहाँ तक कि एके-47 जैसे हथियारों का इस्तेमाल कर डराने का प्रयास किया गया है। कांग्रेस सह...

सीजेपी के प्रदर्शन से मोदी सरकार जिस तरह से निपटी, उससे क्या कांग्रेस को फ़ायदा होगा - BBC

सीजेपी के प्रदर्शन और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा विवाद: क्या मोदी सरकार की रणनीति से कांग्रेस को मिलेगा सियासी लाभ? भारतीय राजनीति के वर्तमान परिदृश्य में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच खींचतान एक नए चरम पर पहुंच गई है। हाल के दिनों में सीजेपी (Citizens for Justice and Peace) और अन्य नागरिक संगठनों द्वारा किए गए प्रदर्शनों ने केंद्र की मोदी सरकार के सामने नई चुनौतियां पेश की हैं। विशेष रूप से शिक्षा मंत्रालय और नीट (NEET) परीक्षा विवाद को लेकर जिस तरह से केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को घेरा गया, उसने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह उभर कर आ रहा है कि क्या सरकार के कड़े रुख और विपक्ष की आक्रामक घेराबंदी से अंततः कांग्रेस को कोई बड़ा राजनीतिक लाभ होने वाला है? संसद के हालिया सत्र के दौरान एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला। जब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष लामबंद था, तब एनडीए (NDA) के सांसदों ने संसद परिसर में उनका भव्य स्वागत किया। भाजपा और सहयोगी दलों के सांसदों ने उन्हें पारंपरिक 'पाग' (पगड़ी) पहन...

स्टूडेंट लीडर नेहा बोरा ने बिहार में प्रदर्शकारियों की गिरफ़्तारी का लगाया आरोप और दी चेतावनी - BBC

पेपर लीक और छात्र असंतोष: नेहा बोरा की चेतावनी और संसद में नया कानून—देशव्यापी उथल-पुथल की विस्तृत रिपोर्ट भारत की शिक्षा प्रणाली और प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता वर्तमान में एक बड़े संकट से गुजर रही है। बिहार से लेकर देश की राजधानी दिल्ली तक, छात्रों का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दे रहा है। हाल ही में छात्र नेता नेहा बोरा द्वारा बिहार में प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी के आरोपों ने इस विवाद को एक नई आग दे दी है। एक ओर जहाँ सड़कों पर छात्र अपने भविष्य की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर देश की संसद में इस समस्या के समाधान के लिए कड़े कानूनी प्रावधान लाने की तैयारी चल रही है। बिहार में छात्र आंदोलन और नेहा बोरा का कड़ा रुख बिहार की राजधानी पटना में स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई की खबरें सामने आईं। छात्र नेता नेहा बोरा ने प्रशासनिक रुख की तीखी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें रख रहे छात्रों को जबरन हिरासत में लिया गया है। बोरा ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार को स्पष्...

PM मोदी के वीडियो पर बोली CJP, पेपर लीक रोकने के लिए आपने पहले भी... - ABP News

देश की परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव की तैयारी: पेपर लीक पर पीएम मोदी का कड़ा रुख और संसद में सुधारों की गूंज नई दिल्ली: भारत में पिछले कुछ महीनों से राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) और यूजीसी-नेट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस संकट के बीच, केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली में आमूल-चूल परिवर्तन करने और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में एक वीडियो संदेश के माध्यम से देश के युवाओं को आश्वस्त किया है कि सरकार पेपर लीक जैसी बुराइयों को जड़ से खत्म करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। पीएम मोदी का संदेश और तकनीकी हस्तक्षेप की भूमिका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा सुधारों पर जोर देते हुए कहा कि सरकार पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त चयन प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में परीक्षाओं के आयोजन में मानवीय हस्तक्षेप को कम करने और उच्च-स्तरीय तकनीक का उपयोग करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएग...

कौन हैं नंदन नीलेकणि? जिन्हें पीएम मोदी ने परीक्षा सुधार की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी - Aaj Tak News

परीक्षा प्रणाली में आमूलचूल बदलाव की तैयारी: पीएम मोदी ने नंदन नीलेकणि को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी, जानें क्या है पूरा मास्टरप्लान भारत की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली वर्तमान में एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। हाल के महीनों में नीट (NEET-UG) और यूजीसी-नेट (UGC-NET) जैसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं ने देशभर के करोड़ों छात्रों के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिया है। इस संकट की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और तकनीकी सुदृढ़ीकरण के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। इस पूरी कवायद में सबसे महत्वपूर्ण नाम नंदन नीलेकणि का उभरकर सामने आया है, जिन्हें इस सुधार प्रक्रिया का प्रमुख रणनीतिकार माना जा रहा है। कौन हैं नंदन नीलेकणि और उन्हें क्यों मिली यह जिम्मेदारी? नंदन नीलेकणि केवल एक कॉर्पोरेट दिग्गज नहीं हैं, बल्कि उन्हें भारत में जटिल प्रणालियों को सरल और डिजिटल बनाने का मसीहा माना जाता है। इंफोसिस के सह-संस्थापक रहे नीलेकणि ने दुनिया के सबसे बड़े बायोमेट्रिक पहच...

पेपर लीक पर पीएम मोदी का एक्‍शन, नंदन नीलेकणि के नेतृत्‍व में बनाई टास्‍क-फोर्स - News18 Hindi

पेपर लीक संकट पर पीएम मोदी का बड़ा फैसला: नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में हाई-पावर टास्क फोर्स का गठन भारत की शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता को लेकर हाल के दिनों में उठे गंभीर सवालों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक निर्णायक और ऐतिहासिक कदम उठाया है। देश के लाखों युवाओं के भविष्य और उनके भरोसे को पुनर्स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार ने एक हाई-पावर टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की है। इस विशेष कार्यबल की कमान देश के दिग्गज तकनीकी विशेषज्ञ और आधार (Aadhaar) के शिल्पकार नंदन नीलेकणि को सौंपी गई है। सरकार का यह कदम स्पष्ट करता है कि वह परीक्षा प्रणाली में व्याप्त खामियों को तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। हाल के महीनों में नीट (NEET) और यूजीसी-नेट (UGC-NET) जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक की घटनाओं ने देशभर के छात्रों और अभिभावकों के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया था। विपक्ष के निरंतर हमलों और सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने सीधे हस्तक्षेप करते हुए इस संकट ...

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े पर विदेशी मीडिया में क्या कहा जा रहा है? - BBC

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: विदेशी मीडिया की सुर्खियों से लेकर भाजपा की आंतरिक राजनीति तक, एक विस्तृत विश्लेषण भारतीय राजनीति के कद्दावर नेता और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबरों ने देश के राजनीतिक गलियारों में एक बड़ा तूफान खड़ा कर दिया है। यह केवल एक प्रशासनिक फेरबदल नहीं है, बल्कि इसके तार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर जुड़े हुए हैं। पिछले कुछ समय से नीट (NEET) और नेट (NET) परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं को लेकर प्रधान विपक्ष और छात्रों के निशाने पर थे। अब उनके इस्तीफे की पेशकश और उस पर हो रही प्रतिक्रियाओं ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर और बाहर एक नई बहस को जन्म दे दिया है। विदेशी मीडिया की नजर और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर को विदेशी मीडिया, विशेषकर बीबीसी (BBC) जैसे संस्थानों ने प्रमुखता से कवर किया है। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि भारत जैसे विशाल लोकतंत्र में शिक्षा मंत्रालय का नेतृत्व बदलना सरकार की छवि पर सीधा प्रभाव डालता है। विदेशी मीडिया में यह चर्चा जोरों पर है कि क्या यह इस...

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा मोदी सरकार के लिए झटका है या एक बड़ा मौक़ा? - BBC

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: मोदी सरकार के लिए राजनीतिक संकट या शिक्षा क्षेत्र में नई शुरुआत का संकेत? भारत की राजनीति में हालिया घटनाक्रमों ने एक बार फिर सत्ता के गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा न केवल मोदी सरकार के लिए एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव है, बल्कि यह देश की शिक्षा व्यवस्था और आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिछले कुछ महीनों से नीट (NEET) और नेट (NET) परीक्षाओं में हुई धांधली और पेपर लीक के आरोपों के बीच यह कदम उठाया गया है। अब सवाल यह उठता है कि क्या यह इस्तीफा मोदी सरकार के लिए एक बड़ा झटका है या फिर यह शिक्षा मंत्रालय की छवि सुधारने का एक सोचा-समझा अवसर है? प्रह्लाद जोशी: शिक्षा मंत्रालय की नई कमान और संघ का भरोसा धर्मेंद्र प्रधान के जाने के बाद, मोदी सरकार ने अनुभवी नेता प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। प्रह्लाद जोशी, जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की विचारधारा में रचे-बसे हैं, अपनी संगठनात्मक क्षमता और प्रशासनिक अनुशासन के लिए ज...

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा मोदी सरकार के लिए झटका है या एक बड़ा मौक़ा? - BBC

शिक्षा मंत्रालय में बड़ा फेरबदल: धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और प्रल्हाद जोशी का उदय - क्या यह मोदी सरकार के लिए एक बड़ा सुधार है? नई दिल्ली: मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल की शुरुआत होते ही देश की शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक ढांचे में एक अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिल रहा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में धर्मेंद्र प्रधान का पद छोड़ना और उनकी जगह प्रल्हाद जोशी को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपना, भारतीय राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह बदलाव केवल एक चेहरे का परिवर्तन नहीं है, बल्कि इसे देश की शिक्षा प्रणाली में व्याप्त चुनौतियों और हालिया विवादों के समाधान के रूप में देखा जा रहा है। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: नैतिक जिम्मेदारी या राजनीतिक विवशता? हाल के समय में शिक्षा मंत्रालय लगातार सुर्खियों में रहा है, लेकिन इसका कारण उपलब्धियां कम और विवाद अधिक रहे हैं। नीट (NEET-UG) और यूजीसी-नेट (UGC-NET) जैसी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के आरोपों ने मंत्रालय की साख पर गहरा आघात किया था। सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स, विशेषकर एबीपी न्यूज़ के अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान ने इन ...

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा मोदी सरकार के लिए झटका है या एक बड़ा मौक़ा? - BBC

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: मोदी सरकार के लिए राजनीतिक संकट या शिक्षा सुधार का नया अध्याय? भारतीय राजनीति के गलियारों में इस समय शिक्षा मंत्रालय को लेकर मची हलचल ने केंद्र सरकार की भविष्य की रणनीतियों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। धर्मेंद्र प्रधान का शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना केवल एक कैबिनेट फेरबदल का हिस्सा नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के एक बड़े नीतिगत बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। सवाल यह है कि क्या यह इस्तीफा सरकार के लिए एक बड़ा झटका है, या फिर यह विवादों से घिरे शिक्षा क्षेत्र को पटरी पर लाने का एक सुनहरा अवसर है? नेतृत्व परिवर्तन और प्रल्हाद जोशी का आगमन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय की कमान अब प्रल्हाद जोशी को सौंपी गई है। प्रल्हाद जोशी, जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की पृष्ठभूमि से आते हैं और सरकार के संकटमोचक माने जाते हैं, उनके कंधों पर अब देश की चरमराई हुई परीक्षा प्रणाली और शैक्षिक ढांचे को सुधारने की बड़ी जिम्मेदारी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जोशी की नियुक्ति के पीछे सरकार की मंशा वैचारिक ...

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा मोदी सरकार के लिए झटका है या एक बड़ा मौक़ा? - BBC

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा: मोदी सरकार के लिए राजनीतिक संकट या छवि सुधारने का बड़ा मौक़ा? भारत की राजनीति में उस वक्त एक बड़ा भूचाल आ गया जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया। पिछले कुछ हफ्तों से राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) और यूजीसी-नेट परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों के बीच यह घटनाक्रम सामने आया है। वर्ल्ड प्रेस इंडिया के विश्लेषण के अनुसार, प्रधान का यह कदम न केवल मोदी सरकार की आंतरिक रणनीति का हिस्सा है, बल्कि यह भविष्य की शिक्षा नीति और प्रशासनिक सुचिता को लेकर एक बड़ा संकेत भी है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े ने राजनीतिक गलियारों में एक बहस छेड़ दी है कि क्या यह सरकार के लिए एक बड़ा झटका है या फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत यह कदम उठाया है। बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान का जाना सरकार के लिए उस वक्त असहज स्थिति पैदा कर सकता है जब विपक्ष शिक्षा के क्षेत्र में विफलता को लेकर हमलावर है। हालांकि, बीजेपी के भीतर एक धड़ा इसे 'इमेज मेकओवर' (छवि सुधार...

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा मोदी सरकार के लिए झटका है या एक बड़ा मौक़ा? - BBC

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: मोदी सरकार के लिए राजनीतिक संकट या छवि सुधारने का बड़ा दांव? भारत की राजनीति में शिक्षा मंत्रालय पिछले कुछ समय से विवादों के केंद्र में रहा है। NEET और अन्य राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों ने देशभर के छात्रों और अभिभावकों के बीच भारी असंतोष पैदा कर दिया था। इसी दबाव और नैतिक जवाबदेही के बीच, धर्मेंद्र प्रधान का केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक माना जा रहा है। यह घटनाक्रम न केवल सरकार के लिए एक झटका है, बल्कि इसे एक रणनीतिक अवसर के रूप में भी देखा जा रहा है, जिससे शिक्षा प्रणाली में बड़े सुधारों का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। पीएम मोदी की सोची-समझी रणनीति और इनसाइड स्टोरी राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा महज एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है। सरकार की छवि पर लग रहे दागों को धोने और छात्रों के बीच खोए हुए विश्वास को वापस पाने के लिए यह एक कड़ा क...

E20 से माइलेज पर थोड़ा असर, नितिन गडकरी ने बताया; एथनॉल पर खुलकर बोले - Hindustan

ई20 ईंधन और माइलेज का गणित: नितिन गडकरी ने स्पष्ट की सरकार की नीति, प्रीमियम पेट्रोल की बढ़ती मांग ने खड़ा किया नया सवाल भारत सरकार देश की ऊर्जा निर्भरता को कम करने और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से एथनॉल मिश्रण (Ethanol Blending) कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ा रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में ई20 (E20) ईंधन के प्रभावों और भविष्य की योजनाओं पर खुलकर अपनी बात रखी है। जहां एक ओर सरकार इसे भविष्य का ईंधन बता रही है, वहीं उपभोक्ताओं के मन में माइलेज और वाहन की सेहत को लेकर कई सवाल हैं। गडकरी ने स्वीकार किया है कि ई20 ईंधन से माइलेज पर मामूली असर पड़ सकता है, लेकिन इसके दीर्घकालिक लाभ कहीं अधिक बड़े हैं। ई20 और माइलेज का संबंध: क्या कहते हैं आंकड़े? पेट्रोलियम मंत्रालय और नितिन गडकरी द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, E20 ईंधन (20% एथनॉल और 80% पेट्रोल का मिश्रण) के उपयोग से वाहनों के माइलेज में लगभग 5 प्रतिशत तक की गिरावट देखी जा सकती है। इसका मुख्य कारण यह है कि एथनॉल की ऊर्जा घनत्व (Energy Density) शुद्ध पेट्रोल की तुलना में कम होती है। हालां...