ईरान के 80 टारगेट पर अमेरिकी हमले: होर्मुज में जहाजों पर ईरानी हमले के बाद एक्शन; NATO समिट में ट्रम्प बोले... - Dainik Bhaskar
मिडिल ईस्ट में युद्ध की आहट: ईरान के 80 ठिकानों पर अमेरिका का भीषण हमला, ट्रंप की दोटूक चेतावनी ने बढ़ाया वैश्विक तनाव
पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में भू-राजनीतिक परिस्थितियां एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों पर ईरानी हमलों के जवाब में अमेरिका ने एक बड़ी सैन्य कार्रवाई को अंजाम देते हुए ईरान के 80 सामरिक ठिकानों को निशाना बनाया है। इस सैन्य कार्रवाई के साथ ही वाशिंगटन और तेहरान के बीच लंबे समय से चल रहा तनाव अब सीधे संघर्ष में तब्दील होता नजर आ रहा है। नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के दौरान पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आक्रामक रुख और भारी हमलों की चेतावनी ने दुनिया भर के राजनयिक गलियारों में खलबली मचा दी है।
होर्मुज में जहाजों पर हमले के बाद अमेरिका की बड़ी जवाबी कार्रवाई
ताजा विवाद की जड़ होर्मुज जलडमरूमध्य में हुई वह घटना है, जिसमें ईरान पर अंतरराष्ट्रीय मालवाहक जहाजों को निशाना बनाने का आरोप लगा है। विश्व के तेल व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले इस समुद्री मार्ग में अस्थिरता पैदा करने के जवाब में, अमेरिकी सेना ने ईरान के भीतर और उसके समर्थित मिलिशिया के 80 महत्वपूर्ण ठिकानों पर सटीक बमबारी की है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को पंगु बनाना और उसे भविष्य में समुद्री मार्गों को बाधित करने से रोकना है। इस कार्रवाई ने संकेत दे दिया है कि अमेरिका अब कूटनीतिक संयम के बजाय 'हार्ड पावर' के इस्तेमाल की ओर बढ़ रहा है।
नाटो समिट में ट्रंप का कड़ा संदेश: 'सीजफायर खत्म, अब जोरदार हमले की बारी'
वॉशिंगटन में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के मंच से डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर अत्यंत कड़ा रुख अख्तियार किया है। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ईरान के साथ किसी भी प्रकार का सीजफायर (युद्धविराम) अब समाप्त हो चुका है। उन्होंने आने वाली रातों में ईरान पर और भी भीषण हमले करने की चेतावनी दी है। ट्रंप के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चौंका दिया है, क्योंकि यह सीधे तौर पर एक पूर्ण युद्ध की घोषणा जैसा प्रतीत होता है। ट्रंप ने वैश्विक नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान की आक्रामकता को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अमेरिका अपने हितों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।
ईरान का पलटवार: 'ईरानी तट दुश्मनों के लिए जहन्नुम साबित होंगे'
अमेरिकी हमलों और ट्रंप की धमकियों के बाद तेहरान की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया आई है। ईरानी सैन्य कमांडरों और राजनीतिक नेतृत्व ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया है। ईरान ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यदि अमेरिका ने अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखी, तो वे ईरानी तटों को दुश्मन के लिए जहन्नुम बना देंगे। ईरान ने अपनी मिसाइल यूनिट्स को हाई अलर्ट पर रखा है और होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से बंद करने की धमकी दी है। यदि ईरान यह कदम उठाता है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति ठप हो सकती है, जिससे पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट और आर्थिक मंदी का खतरा पैदा हो जाएगा।
निष्कर्ष: क्या विश्व एक और विनाशकारी युद्ध की ओर बढ़ रहा है?
वर्ल्ड प्रेस इंडिया के विश्लेषण के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता यह टकराव केवल क्षेत्रीय मुद्दा नहीं रह गया है। 80 ठिकानों पर बमबारी और उसके बाद की जुबानी जंग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि दोनों पक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। ट्रंप के तेवर और ईरान की 'सुसाइड मिशन' वाली धमकियां संकेत दे रही हैं कि कूटनीति के दरवाजे लगभग बंद हो चुके हैं। यदि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने तुरंत हस्तक्षेप नहीं किया, तो आने वाले दिनों में यह संघर्ष एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है, जिसका प्रभाव भारत समेत पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था और शांति पर पड़ना निश्चित है।
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