दिल्ली-एनसीआर और जम्मू-कश्मीर में भूकंप के तेज झटके: अफगानिस्तान में आए 6.2 तीव्रता के भूकंप का असर, 8 देशो... - Dainik Bhaskar
भूकंप के तेज झटकों से दहला उत्तर भारत और अफगानिस्तान: 6.2 की तीव्रता ने दिल्ली-NCR से लेकर कश्मीर तक मचाई दहशत
नई दिल्ली/काबुल: उत्तर भारत समेत मध्य और दक्षिण एशिया के एक बड़े हिस्से में आज उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब रिक्टर स्केल पर 6.2 की तीव्रता वाले शक्तिशाली भूकंप ने धरती को हिला कर रख दिया। भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान का हिंदूकुश क्षेत्र बताया जा रहा है। इस प्राकृतिक आपदा का असर इतना व्यापक था कि भारत की राजधानी दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) और जम्मू-कश्मीर समेत कुल 8 देशों में इसके झटके महसूस किए गए।
भूकंप के झटके महसूस होते ही दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद की ऊंची इमारतों में रहने वाले लोग दहशत में आ गए और तुरंत अपने घरों व दफ्तरों से बाहर निकल आए। जम्मू-कश्मीर में भी झटके काफी तेज थे, जिससे घाटी के निवासियों में पुराने भूकंपों की कड़वी यादें ताजा हो गईं। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, जान-माल के नुकसान की तत्काल कोई खबर नहीं है, लेकिन झटकों की तीव्रता ने संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
हिंदूकुश क्षेत्र रहा भूकंप का केंद्र: वैज्ञानिक पहलू
भूकंपीय विज्ञान के अनुसार, इस भूकंप का अधिकेंद्र (Epicenter) अफगानिस्तान के हिंदूकुश पर्वतमाला में जमीन के काफी नीचे स्थित था। रिक्टर स्केल पर 6.2 की तीव्रता को 'शक्तिशाली' श्रेणी में रखा जाता है, जो बड़े पैमाने पर कंपन पैदा करने में सक्षम है। हिंदूकुश क्षेत्र भौगोलिक रूप से भूकंप के प्रति बेहद संवेदनशील माना जाता है क्योंकि यह भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के संगम स्थल के करीब है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय प्लेट निरंतर उत्तर की ओर खिसक रही है और यूरेशियन प्लेट से टकरा रही है, जिसके कारण इस पूरे क्षेत्र में ऊर्जा का संचय होता रहता है। जब यह संचित ऊर्जा अचानक मुक्त होती है, तो बड़े भूकंप आते हैं। यही कारण है कि अफगानिस्तान में आने वाले भूकंपों का असर अक्सर उत्तरी भारत और पाकिस्तान के बड़े हिस्से में दिखाई देता है।
दिल्ली-NCR और जम्मू-कश्मीर में अफरा-तफरी का माहौल
दिल्ली-NCR में भूकंप के झटके दोपहर के समय महसूस किए गए। ऊंची इमारतों में लगे पंखे और झूमर हिलने लगे, जिससे लोग घबराकर सीढ़ियों की ओर भागे। कई बहुमंजिला इमारतों को एहतियातन खाली करा लिया गया। नोएडा की एक आईटी कंपनी में काम करने वाले प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, "हम अपनी डेस्क पर काम कर रहे थे जब अचानक कुर्सी हिलने लगी। शुरू में लगा कि चक्कर आ रहे हैं, लेकिन जब सहकर्मियों को भी वही महसूस हुआ, तो हम समझ गए कि यह भूकंप है।"
वहीं, जम्मू-कश्मीर में झटके कहीं अधिक तीव्र महसूस किए गए। श्रीनगर और पुंछ जैसे इलाकों में लोग कड़ाके की ठंड के बावजूद घरों से बाहर निकल आए। केंद्र शासित प्रदेश के आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने लोगों से शांत रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। फिलहाल, प्रशासन नुकसान का आकलन करने के लिए संवेदनशील इलाकों से संपर्क साध रहा है।
8 देशों में महसूस किए गए झटके: वैश्विक प्रभाव
भूकंप की पहुंच केवल भारत और अफगानिस्तान तक ही सीमित नहीं रही। भूगर्भीय आंकड़ों के अनुसार, इस भूकंप के झटके कुल 8 देशों में महसूस किए गए हैं। इनमें अफगानिस्तान के अलावा पाकिस्तान, भारत, ताजिकिस्तान, उजबेकिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान और तुर्कमेनिस्तान शामिल हैं। पाकिस्तान के इस्लामाबाद, लाहौर और पेशावर जैसे प्रमुख शहरों में भी लोगों ने तेज कंपन महसूस किया। पड़ोसी देशों में व्यापक असर होना इस भूकंप की तीव्रता और गहराई को दर्शाता है।
सुरक्षा के प्रति सतर्कता और विशेषज्ञों की सलाह
भूकंप के बार-बार आ रहे इन झटकों ने सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्ल्ड प्रेस इंडिया से बात करते हुए भू-वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि दिल्ली-NCR सिस्मिक जोन-4 में आता है, जो काफी जोखिम भरा है। ऐसे में निर्माण कार्यों में 'अर्थक्वेक रेजिस्टेंट' तकनीक का उपयोग अनिवार्य होना चाहिए।
भूकंप के दौरान सुरक्षा के लिए विशेषज्ञों ने निम्नलिखित सुझाव दिए हैं:
- झटके महसूस होते ही घबराएं नहीं और लिफ्ट का उपयोग बिल्कुल न करें।
- यदि आप इमारत के अंदर हैं, तो 'ड्रॉप, कवर और होल्ड' की तकनीक अपनाएं—यानी फर्श पर झुक जाएं, किसी मजबूत मेज के नीचे शरण लें और उसे पकड़ कर रखें।
- कांच की खिड़कियों, भारी अलमारी और गिर सकने वाली वस्तुओं से दूर रहें।
- यदि आप खुले क्षेत्र में हैं, तो इमारतों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर हट जाएं।
अफगानिस्तान में आए इस भूकंप ने एक बार फिर प्रकृति की ताकत और इंसान की बेबसी को उजागर कर दिया है। हालांकि भारत में अभी तक किसी बड़ी क्षति की सूचना नहीं है, लेकिन आपदा प्रबंधन विभाग हाई अलर्ट पर है। प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है और लोगों से आगामी घंटों में आने वाले संभावित 'आफ्टरशॉक्स' (Aftershocks) के प्रति सजग रहने को कहा गया है।
Comments
Post a Comment