यूपी में भारी बारिश, कई जिलों में रेड अलर्ट, अचानक बाढ़ का खतरा बना; CM योगी ने अधिकारियों को दिए निर्देश - India TV Hindi
उत्तर प्रदेश में मूसलाधार बारिश का कहर: कई जिलों में रेड अलर्ट, अचानक बाढ़ का खतरा; मुख्यमंत्री ने दिए कड़े निर्देश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बीते 48 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के आठ जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि 13 अन्य जिलों में ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी दी गई है। लगातार हो रही मूसलाधार वर्षा के कारण प्रदेश की प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे कई इलाकों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। इस विषम स्थिति से निपटने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल प्रभाव से उच्च स्तरीय बैठकें बुलाई हैं और अधिकारियों को हर संभव कदम उठाने के कड़े निर्देश दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने एक गहरे दबाव क्षेत्र (deep depression) के प्रभाव से उत्तर प्रदेश में मानसून की गतिविधियां अत्यधिक सक्रिय बनी हुई हैं। बीते दो दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण राज्य में अब तक 16 लोगों की दुखद मौत की पुष्टि हुई है। ये मौतें दीवार गिरने, बिजली गिरने, मकान ढहने या जलभराव से जुड़ी अन्य दुर्घटनाओं के कारण हुई हैं। राज्य के पूर्वी और मध्य हिस्सों में स्थिति विशेष रूप से गंभीर बनी हुई है, जहां निचले इलाकों में पानी भर गया है और सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। शहरों में सड़कों पर जलभराव से यातायात बाधित है, जबकि कई ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क टूट गया है, जिससे दैनिक गतिविधियों में व्यापक व्यवधान आया है।
मुख्यमंत्री की आपातकालीन बैठक और दिशानिर्देश
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक आपातकालीन बैठक की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को 24x7 निगरानी रखने, राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने तथा जनहानि व धनहानि को न्यूनतम करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी जिलों में आपदा प्रबंधन टीमें पूरी तरह से अलर्ट पर रहें और प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित सहायता पहुंचाना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से निम्नलिखित निर्देश दिए:
- बाढ़ प्रभावित और जलभराव वाले क्षेत्रों से लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।
- स्थापित राहत शिविरों में भोजन, शुद्ध पेयजल, दवाइयों और चिकित्सा सुविधाओं का पर्याप्त प्रबंध हो।
- पशुधन की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक उपाय किए जाएं और उनके लिए चारे की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- फसलों को हुए नुकसान का तत्काल और पारदर्शी आकलन किया जाए, ताकि किसानों को नियमानुसार उचित मुआवजा मिल सके।
- जर्जर मकानों और इमारतों की पहचान कर उनमें रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
- नदियों के किनारे बसे गांवों में विशेष सतर्कता बरती जाए और तटबंधों की स्थिति की लगातार निगरानी हो, आवश्यकता पड़ने पर मरम्मत कार्य तुरंत शुरू किए जाएं।
- बिजली आपूर्ति बहाल करने और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए त्वरित कार्यवाही की जाए।
मौसम विभाग की चेतावनी और आगामी स्थिति
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपनी नवीनतम चेतावनी में कहा है कि अगले 24 से 48 घंटों के दौरान उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रह सकती है। कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की भी आशंका जताई गई है, जिसके कारण नदियों में उफान और बढ़ सकता है, जिससे बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है। विशेष रूप से पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में यह स्थिति बनी रहने की संभावना है। IMD ने वायु की गति 85 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने की भी चेतावनी दी है, जिससे पेड़ गिरने और बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त होने का खतरा बढ़ गया है।
अन्य राज्यों पर भी असर
यह मौसमी प्रणाली केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है। IMD के अनुसार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल सहित देश के करीब 19 राज्यों में आगामी 14-24 घंटों के भीतर मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। समुद्री तटों पर भी मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है। यह स्थिति अरब सागर में एक अन्य संभावित मौसमी गतिविधि और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण उत्पन्न हुई है, जिससे देश के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज बदला हुआ है।
जनता से अपील और सुरक्षा उपाय
राज्य सरकार ने आम जनता से अपील की है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों पर गंभीरता से ध्यान दें और जब तक अत्यंत आवश्यक न हो, अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा का ध्यान रखने की सलाह दी गई है। जलभराव वाले इलाकों और खुले नालों से दूर रहें तथा बिजली के तारों और खंभों से सावधानी बरतें। प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति में सहायता के लिए आपदा हेल्पलाइन नंबर 1070 और अन्य स्थानीय आपातकालीन सेवाओं से संपर्क करने का आग्रह किया है। NDRF, SDRF और PAC की बाढ़ राहत टीमें विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में पहले से ही तैनात कर दी गई हैं ताकि किसी भी अप्रत्याशित घटना से कुशलतापूर्वक निपटा जा सके और लोगों को तत्काल सहायता प्रदान की जा सके।
वर्ल्ड प्रेस इंडिया, लखनऊ।
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