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Showing posts from September, 2026

उज्जैन में 650 साल पुरानी शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने के ख़िलाफ़ याचिका हाई कोर्ट में ख़ारिज - bbc.com

उज्जैन की शाही मस्जिद विवाद: हाई कोर्ट ने ध्वस्तिकरण के ख़िलाफ़ याचिका ख़ारिज की, तनाव बरकरार उज्जैन, मध्य प्रदेश: धार्मिक नगरी उज्जैन में 650 साल पुरानी ऐतिहासिक शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने के प्रशासन के फैसले के ख़िलाफ़ दायर याचिका को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया है। इस फैसले के साथ ही मस्जिद के विवादित हिस्से पर प्रशासनिक कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है, जिससे स्थानीय मुस्लिम समुदाय में चिंता और तनाव का माहौल गहरा गया है, वहीं प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है। यह पूरा मामला शाही मस्जिद के एक हिस्से को लेकर है, जिसे प्रशासन कथित तौर पर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण बता रहा है। प्रशासन का तर्क है कि यह हिस्सा महाकाल लोक कॉरिडोर के विस्तार या किसी अन्य सार्वजनिक परियोजना के रास्ते में आ रहा है, या इसका निर्माण अवैध रूप से सरकारी जमीन पर किया गया है। दूसरी ओर, मस्जिद समिति और मुस्लिम समुदाय का कहना है कि यह मस्जिद सदियों पुरानी है और इसका हर हिस्सा धार्मिक महत्व रखता है। उनका दावा है कि यह अतिक्रमण नहीं है, बल्कि मस्जिद का अभिन्न अं...

एशियन गेम्स: विथ्या रामराज ने पीटी उषा का 42 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा, कांस्य पदक जीता - bbc.com

एशियाई खेलों में विथ्या रामराज का ऐतिहासिक कीर्तिमान: पीटी उषा के 42 साल पुराने राष्ट्रीय रिकॉर्ड की बराबरी, कांस्य पर कब्जा भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय उस समय जुड़ गया, जब तमिलनाडु की युवा एथलीट विथ्या रामराज ने 19वें एशियाई खेलों में महिला 400 मीटर बाधा दौड़ स्पर्धा में पीटी उषा के 42 साल पुराने राष्ट्रीय रिकॉर्ड की बराबरी कर इतिहास रच दिया। यह उपलब्धि न केवल विथ्या के व्यक्तिगत कौशल का प्रमाण थी, बल्कि भारतीय ट्रैक एंड फील्ड के लिए एक प्रेरणादायक क्षण भी बन गई, जिसने देश को कांस्य पदक के रूप में एक और गौरव दिलाया। हांगझोऊ, चीन में आयोजित इन प्रतिष्ठित खेलों में, विथ्या ने अपनी दृढ़ता और लगन का प्रदर्शन करते हुए, एक ऐसे रिकॉर्ड को चुनौती दी जो चार दशकों से अधिक समय से अछूता था। विथ्या रामराज ने 400 मीटर बाधा दौड़ के प्रारंभिक हीट में 55.42 सेकंड का अविश्वसनीय समय निकालकर, महान एथलीट पीटी उषा द्वारा 1984 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक में बनाए गए राष्ट्रीय रिकॉर्ड की बराबरी की। यह समय स्वयं में एक बड़ी उपलब्धि थी, क्योंकि यह किसी भारतीय महिला द्वारा इस स्पर्धा मे...

उज्जैन में 650 साल पुरानी शाही मस्जिद के बाहर झड़प, सिंहस्थ के लिए सड़क चौड़ीकरण को लेकर क्या है विवाद? - bbc.com

उज्जैन की ऐतिहासिक शाही मस्जिद और सिंहस्थ मार्ग चौड़ीकरण: एक गहराता विवाद मध्यप्रदेश के धार्मिक नगरी उज्जैन में एक बार फिर विकास बनाम विरासत का मुद्दा गरमा गया है। आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण परियोजना ने 650 साल पुरानी ऐतिहासिक शाही मस्जिद को विवादों के केंद्र में ला दिया है। यह परियोजना, जो शहर की बढ़ती भीड़ और यातायात प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, स्थानीय मुस्लिम समुदाय के एक बड़े हिस्से और मस्जिद प्रबंधन समिति के विरोध का सामना कर रही है, जिसके चलते हाल के दिनों में शहर में तनावपूर्ण स्थितियां देखने को मिली हैं। उज्जैन में हर 12 साल में आयोजित होने वाला सिंहस्थ कुंभ मेला करोड़ों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। वर्ष 2028 में होने वाले अगले सिंहस्थ के लिए अभी से तैयारियां जोरों पर हैं। इन तैयारियों में शहर के बुनियादी ढांचे का उन्नयन और सड़कों का चौड़ीकरण प्रमुख है। इसी कड़ी में, शहर के बीचों-बीच स्थित शाही मस्जिद के आसपास की सड़क को चौड़ा करने का प्रस्ताव आया है। यह मस्जिद, जिसका निर्माण अलाउद्दीन खिलजी के शासनकाल में 14वीं शताब्दी के दौर...

उज्जैन में 650 साल पुरानी शाही मस्जिद के बाहर झड़प, सिंहस्थ के लिए सड़क चौड़ीकरण को लेकर क्या है विवाद? - bbc.com

उज्जैन में सिंहस्थ की तैयारी: 650 साल पुरानी शाही मस्जिद के बाहर झड़प और सड़क चौड़ीकरण का विवाद उज्जैन, मध्य प्रदेश: धर्मनगरी उज्जैन इन दिनों आगामी सिंहस्थ कुंभ मेला 2028 की तैयारियों को लेकर जहां एक ओर विकास की नई गाथा लिख रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसे विवाद भी सामने आ रहे हैं, जो आस्था और विकास के बीच संतुलन साधने की चुनौती पेश करते हैं। हाल ही में शहर की 650 साल पुरानी ऐतिहासिक शाही मस्जिद के बाहर हुई झड़प और पथराव की घटना ने प्रशासन के सड़क चौड़ीकरण अभियान पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना ने शहर में तनाव का माहौल पैदा कर दिया, जिसके बाद पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े और कई लोगों को हिरासत में लेना पड़ा। विवाद की जड़: सिंहस्थ और अतिक्रमण हटाओ अभियान दरअसल, यह पूरा विवाद उज्जैन प्रशासन द्वारा 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों के तहत चलाए जा रहे सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाओ अभियान से जुड़ा है। प्रशासन का तर्क है कि सिंहस्थ में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु उज्जैन आएंगे, जिनकी सुविधा और सुगम आवागमन के लिए शहर की सड़कों को चौड़ा करना अत्यंत ...

उज्जैन में मस्जिद तोड़ने पर हंगामा, पथराव-आंसू गैस छोड़ी: थाना प्रभारी घायल; सिंहस्थ के लिए सड़क चौड़ी होनी... - Dainik Bhaskar

उज्जैन में शाही मस्जिद विध्वंस को लेकर भारी हंगामा: पथराव, आंसू गैस और सुरक्षा चुनौतियों का सामना उज्जैन, मध्य प्रदेश: धार्मिक नगरी उज्जैन में बीते दिनों एक सदियों पुरानी मस्जिद को सड़क चौड़ीकरण के लिए हटाने के प्रयासों के दौरान भारी हंगामा, पथराव और हिंसक झड़पें देखने को मिलीं। सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों के तहत की जा रही इस कार्रवाई का स्थानीय लोगों के एक वर्ग ने कड़ा विरोध किया, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े। इस दौरान एक थाना प्रभारी सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिससे शहर में तनाव की स्थिति बनी हुई है। यह घटना विकास परियोजनाओं और ऐतिहासिक-धार्मिक धरोहरों के संरक्षण के बीच संवेदनशील संतुलन साधने की चुनौती को रेखांकित करती है। यह पूरा विवाद उज्जैन के संवेदनशील इलाके में स्थित शाही मस्जिद के विध्वंस को लेकर खड़ा हुआ है। उज्जैन में 2028 में होने वाले अगले सिंहस्थ कुंभ मेले के लिए व्यापक पैमाने पर शहरी बुनियादी ढाँचे के विकास और सड़कों के चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। इसी क्रम में, एक प्रमुख मार्ग को चौड़ा करने की योजना बन...

उज्जैन में शाही मस्जिद के आसपास बैरिकेडिंग: 100+ लोग पहुंचे, परिसर में जाने की कोशिश, नारेबाजी, पुलिस बल तै... - Dainik Bhaskar

उज्जैन में शाही मस्जिद विवाद: पथराव, आंसू गैस और भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच तनाव गहराया उज्जैन, मध्य प्रदेश: धर्मनगरी उज्जैन में ऐतिहासिक शाही मस्जिद के आस-पास का क्षेत्र सोमवार को उस समय रणभूमि में बदल गया, जब प्रशासन द्वारा प्रस्तावित 'बुलडोजर कार्रवाई' के विरोध में जुटे सैकड़ों लोगों और पुलिस बल के बीच जमकर संघर्ष हुआ। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े, जबकि प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी की। इस घटनाक्रम ने शहर में सांप्रदायिक तनाव को गहरा दिया है, जिसके बाद कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 2,500 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। यह पूरा विवाद शाही मस्जिद से सटे इलाके में अतिक्रमण हटाने की प्रशासन की योजना के इर्द-गिर्द घूम रहा है। कुछ हिंदू संगठनों का दावा है कि यह मस्जिद एक प्राचीन मंदिर के अवशेषों पर निर्मित है, और वे इस क्षेत्र को मुक्त कराने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, मुस्लिम समुदाय इसे अपनी एक सदियों पुरानी इबादतगाह बताता है और किसी भी कार्रवाई का विरोध कर रहा है। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई किसी विशेष समुदाय क...

आज से होने वाली बैंकों की हड़ताल टली, IBA और UFBU की बैठक के बाद फैसला - India TV Hindi

बैंक हड़ताल टली: IBA और UFBU के बीच देर रात बनी सहमति, करोड़ों ग्राहकों को बड़ी राहत नई दिल्ली: आज (28 सितंबर, 2026) से देश भर में प्रस्तावित तीन दिवसीय बैंक हड़ताल टल गई है। भारतीय बैंक संघ (IBA) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के प्रतिनिधियों के बीच देर रात तक चली गहन बातचीत के बाद यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। इस सहमति से लाखों बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ-साथ देश के करोड़ों बैंक ग्राहकों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि यदि हड़ताल होती तो बैंकिंग सेवाओं पर व्यापक असर पड़ सकता था, जिससे वित्तीय लेनदेन ठप हो जाते और अर्थव्यवस्था को भी नुकसान होता। सूत्रों के अनुसार, बीती रात आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में दोनों पक्षों ने कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक मध्यरात्रि तक चली, जिसमें कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी, जिसके परिणामस्वरूप यूनियनों ने अपनी हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया। इस घोषणा के बाद, आज से सभी सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंक सामान्य रूप से कार्य करेंगे, जिससे त्यौहारी सीजन से पहले ग्राहकों को बड़ी सुविधा मिलेगी। यूनियनों ...

आज से होने वाली बैंकों की हड़ताल टली, IBA और UFBU की बैठक के बाद फैसला - India TV Hindi

आज से प्रस्तावित बैंकों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल टली, आईबीए और यूएफबीयू के बीच बनी सहमति नई दिल्ली: इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के बीच देर रात चली गहन वार्ताओं के बाद, आज से शुरू होने वाली बैंकों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल को टाल दिया गया है। यह फैसला लाखों बैंक ग्राहकों और देश की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, क्योंकि यदि हड़ताल होती तो बैंकिंग सेवाओं पर गंभीर असर पड़ता। बैंक यूनियनों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 28 और 29 सितंबर को दो दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया था। इन मांगों में मुख्य रूप से वेतन संशोधन, पेंशन अद्यतन, पाँच-दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करना, नई पेंशन योजना (एनपीएस) को रद्द कर पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करना, पर्याप्त भर्तियाँ और ठेका कर्मचारियों का नियमितीकरण शामिल था। यूनियनों का कहना था कि बार-बार अनुरोध के बावजूद उनकी जायज मांगों को अनदेखा किया जा रहा था, जिसके चलते उनके पास हड़ताल का रास्ता अपनाने के सिवा कोई विकल्प नहीं बचा था। हड़ताल से ठीक पहले, आईबीए ने यूनियनों के साथ सुलह का प्रयास तेज कर दिया...

गुवाहाटीः सीजेपी के आशुतोष रांका हिरासत में, अभिजीत दीपके ने कहा, 'मैं भी जाउंगा असम' - BBC

गुवाहाटी में सीजेपी के आशुतोष रांका की हिरासत: मानवाधिकार कार्यकर्ताओं में रोष, अभिजीत दीपके का असम जाने का ऐलान गुवाहाटी, असम — मानवाधिकार संगठन सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के प्रमुख कार्यकर्ता आशुतोष रांका को गुवाहाटी में हिरासत में लिए जाने के बाद असम की राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भूचाल आ गया है। इस घटना ने मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के बीच तीव्र रोष उत्पन्न कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप कई जाने-माने व्यक्तित्वों ने राज्य सरकार की आलोचना की है। इसी कड़ी में, प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता अभिजीत दीपके ने रांका और उनके साथियों के समर्थन में मुखर होकर यह घोषणा की है कि वे भी जल्द ही असम का दौरा करेंगे और इस कथित दमनकारी कार्रवाई का विरोध करेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रांका और उनकी टीम के कुछ अन्य सदस्यों को गुवाहाटी पुलिस ने रविवार शाम को हिरासत में लिया। हालांकि, उनकी हिरासत के पीछे का विशिष्ट कारण तत्काल स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन CJP के सूत्रों का कहना है कि यह राज्य में नागरिक अधिकारों और विभिन्न विवादास्पद सरकारी नीतियों के खिलाफ चल रहे उनके मुखर अभियान से जुड़ा ह...

दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा ने युवक को जड़ा थप्पड़, बहसबाजी के बीच खोया आपा; केजरीवाल बोले- गिरफ्तार करो - Hindustan

दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा का विवादित थप्पड़ कांड: राजनीतिक गलियारों में गरमाई बहस, मुख्यमंत्री केजरीवाल ने की तत्काल गिरफ्तारी की मांग नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में राजनीतिक गहमागहमी के बीच एक बड़ा विवाद सामने आया है, जिसमें दिल्ली सरकार के एक मंत्री प्रवेश वर्मा पर एक युवक को सरेआम थप्पड़ मारने का आरोप लगा है। यह घटना उस समय हुई जब मंत्री वर्मा एक सड़क निरीक्षण कर रहे थे और इस दौरान उनकी एक स्थानीय युवक से तीखी बहस हो गई। इस प्रकरण का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सख्त रुख अपनाते हुए वर्मा की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। इस घटना ने एक बार फिर जनप्रतिनिधियों के आचरण और सार्वजनिक जीवन में उनकी जिम्मेदारियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना दिल्ली के उत्तरी-पश्चिमी इलाके में हुई, जहां मंत्री प्रवेश वर्मा सड़क निर्माण कार्यों का जायजा लेने पहुंचे थे। स्थानीय निवासियों के साथ बातचीत के दौरान एक युवक ने सड़क की खराब गुणवत्ता और निर्माण में कथित भ्रष्टाचार को लेकर अ...

प्रियंका गांधी ने चुनाव आयोग पर एक ख़ास पार्टी के लिए काम करने का आरोप लगाया - BBC

प्रियंका गांधी का चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप: 'एक ख़ास पार्टी के लिए काम करने का दावा', विपक्ष में गहरा रोष नई दिल्ली: भारतीय राजनीति में चुनाव आयोग (ईसीआई) की निष्पक्षता पर सवाल उठना कोई नई बात नहीं है, लेकिन हाल के दिनों में विपक्षी दलों के नेताओं द्वारा लगाए गए आरोप अब और भी तीखे होते जा रहे हैं। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने हाल ही में चुनाव आयोग पर सीधे तौर पर एक 'ख़ास पार्टी' के लिए काम करने का गंभीर आरोप लगाकर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब देश में कई महत्वपूर्ण चुनाव नजदीक हैं और चुनावी माहौल गरमाया हुआ है। प्रियंका गांधी के इस बयान ने विपक्षी एकजुटता को और मजबूत किया है, क्योंकि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार जैसे अन्य प्रमुख विपक्षी नेताओं ने भी इसी तरह की चिंताएं व्यक्त की हैं। अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग के कामकाज पर तंज कसते हुए कहा कि वाराणसी में उनका कार्यक्रम रद्द कर देना अच्छा किया गया, नहीं तो स्थिति और बिगड़ सकती थी। यह टिप्पणी स्पष्ट रूप से आगामी चुन...

हिरासत में लिए गए CJP के आशुतोष रांका, ‘स्कूल ठीक करने’ को गए थे असम; हिमंत सरमा पर भड़के - Hindustan

CJP नेता आशुतोष रांका की असम में हिरासत: मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की आज़ादी पर उठते सवाल गुवाहाटी, असम: देश में मानवाधिकार और नागरिक स्वतंत्रता के लिए कार्यरत संगठन सिटिजंस फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के वरिष्ठ नेता आशुतोष रांका को असम पुलिस ने गुवाहाटी से हिरासत में ले लिया है। रांका की हिरासत ऐसे समय में हुई है जब वह कथित तौर पर राज्य के ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में स्कूलों की स्थिति में सुधार लाने के उद्देश्य से एक जमीनी मूल्यांकन और संबंधित बैठक में भाग लेने असम पहुंचे थे। इस घटना ने नागरिक समाज के कार्यकर्ताओं की आवाजाही और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली सरकार पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। 'स्कूल ठीक करने' के मिशन पर थे रांका प्राप्त जानकारी के अनुसार, आशुतोष रांका अपनी टीम के साथ असम के विभिन्न हिस्सों में सरकारी स्कूलों की बदहाली का जायजा लेने और शिक्षा के अधिकार से वंचित बच्चों की स्थिति पर एक रिपोर्ट तैयार करने के लिए पहुंचे थे। CJP, जो लंबे समय से हाशिए पर पड़े समुदायों के अधिकारों के ...

क्या आपको भी संडे को बैंक खुले रहने का मिला है मैसेज, जानिए सरकारी बैंक कब रहेंगे हड़ताल पर - BBC

सरकारी बैंकों में रविवार को भी रहा कामकाज, पर सोमवार से तीन दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल; लाखों कर्मचारी निजीकरण के विरोध में आज, रविवार, 27 सितंबर 2026 को देश भर के सरकारी बैंकों में सामान्य कामकाज देखने को मिला, जिससे आम जनता और कारोबारियों को कुछ राहत मिली। हालांकि, यह राहत अल्पकालिक साबित होने वाली है, क्योंकि सोमवार, 28 सितंबर से सरकारी बैंकों के कर्मचारी तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर जा रहे हैं। बैंक यूनियनों ने सरकारी बैंकों के निजीकरण के विरोध में यह बड़ा कदम उठाया है, जिससे आगामी दिनों में बैंकिंग सेवाओं पर व्यापक असर पड़ने की आशंका है। रविवार को भी खुले रहे बैंक: एक असामान्य निर्णय सामान्यतः रविवार को बैंकों में अवकाश रहता है, लेकिन इस बार भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के निर्देश और बैंकों द्वारा स्वयं ग्राहकों की सुविधा के लिए यह निर्णय लिया गया कि देश के सभी सरकारी बैंक आज खुले रहेंगे। इस कदम के पीछे मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को उनकी अति आवश्यक बैंकिंग जरूरतों को पूरा करने का मौका देना था, विशेषकर आगामी तीन दिवसीय हड़ताल को देखते हुए। विभिन्न शाखाओं में ग्राहकों की अच्छी-...

ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्तों की अहम बैठक में एसआईआर से जुड़े क्या हुए अहम फ़ैसले - BBC

चुनाव आयोग की अहम बैठक: SIR पर महत्वपूर्ण फैसले, ज्ञानेश कुमार पर उठे सवाल और विपक्षी प्रतिक्रियाएँ नई दिल्ली: भारतीय निर्वाचन आयोग ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न की है, जिसमें विशेषकर मतदाता सूचियों के सारांश पुनरीक्षण (Summary Revision of Electoral Rolls), जिसे आमतौर पर SIR कहा जाता है, से संबंधित कई अहम फैसले लिए गए। इस बैठक में चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी रही, जिसका उद्देश्य आगामी चुनावों की तैयारियों को मजबूत करना और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना था। हालांकि, इन फैसलों के साथ ही चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगे कुछ गंभीर आरोपों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, जिससे आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। बैठक के प्रमुख निर्णयों में से एक दिल्ली और महाराष्ट्र जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में मतदाता सूचियों में आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तिथि का विस्तार है। यह निर्णय उन लाखों मतदाताओं के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जिन्हें विभिन्न कारणों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपनी आपत्तियां दर्ज कराने में कठिनाइयों का...

IWT: सिंधु जल संधि पर शहबाज शरीफ की युद्ध की धमकी की भारत ने निकाली हवा, टेंशन में आया पाकिस्तान - Navbharat Times

सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान की युद्ध की धमकी: भारत ने निकाली हवा, वैश्विक मंच पर पाक हुआ बेनकाब नई दिल्ली: हाल ही में संपन्न हुए संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के सत्र में भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक जंग एक बार फिर देखने को मिली, जहाँ भारत ने पाकिस्तान के हर बेबुनियाद दावे और धमकी का करारा जवाब दिया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ द्वारा सिंधु जल संधि (IWT) को लेकर युद्ध की धमकी देने के बाद भारत ने तत्काल और प्रभावी ढंग से इसकी हवा निकाल दी, जिससे पाकिस्तान पर चौतरफा दबाव बढ़ गया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति को लगातार मज़बूत कर रहा है और आतंकवाद पर अपनी ज़ीरो-टॉलरेंस नीति पर अडिग है। सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान की बेतुकी धमकी और भारत का संयमित जवाब शहबाज़ शरीफ ने अपने संयुक्त राष्ट्र संबोधन के दौरान सिंधु जल संधि को लेकर भारत को परोक्ष रूप से "युद्ध" की धमकी दी थी, जो कि भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में हुई एक ऐतिहासिक जल-साझाकरण संधि है। शरीफ के इस बयान को भारत ने तत्काल खारिज करते हुए स्पष्ट कर दिया कि भारत इस संधि का पाल...

यूपी में भारी बारिश, कई जिलों में रेड अलर्ट, अचानक बाढ़ का खतरा बना; CM योगी ने अधिकारियों को दिए निर्देश - India TV Hindi

उत्तर प्रदेश में मूसलाधार बारिश का कहर: कई जिलों में रेड अलर्ट, अचानक बाढ़ का खतरा; मुख्यमंत्री ने दिए कड़े निर्देश लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बीते 48 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के आठ जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि 13 अन्य जिलों में ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी दी गई है। लगातार हो रही मूसलाधार वर्षा के कारण प्रदेश की प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे कई इलाकों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। इस विषम स्थिति से निपटने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल प्रभाव से उच्च स्तरीय बैठकें बुलाई हैं और अधिकारियों को हर संभव कदम उठाने के कड़े निर्देश दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने एक गहरे दबाव क्षेत्र (deep depression) के प्रभाव से उत्तर प्रदेश में मानसून की गतिविधियां अत्यधिक सक्रिय बनी हुई हैं। बीते दो दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण राज्य में अब तक 16 लोगों की दुखद मौत की पुष्टि हुई है। ये म...

चुनाव-आयोग बोला-नोटिस के बाद सुनवाई के लिए नहीं जाना होगा: कहा-BLO खुद घर जाएंगे, सिर्फ असाधारण मामलों में ... - Dainik Bhaskar

चुनाव आयोग का ऐतिहासिक निर्णय: सुनवाई के लिए अब घर जाएंगे बीएलओ, नागरिक सुविधा पर जोर नई दिल्ली: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने चुनावी प्रक्रिया को और अधिक समावेशी, सुलभ और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आयोग ने घोषणा की है कि मतदाता सूची से संबंधित आपत्तियों और दावों की सुनवाई के लिए अब नागरिकों को निर्वाचन कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एक बड़े नीतिगत बदलाव के तहत, बूथ लेवल अधिकारी (BLO) खुद नोटिस मिलने के बाद संबंधित व्यक्ति के घर जाएंगे और वहीं पर सुनवाई की प्रक्रिया पूरी करेंगे। यह निर्णय सिर्फ असाधारण परिस्थितियों में ही लागू नहीं होगा, बल्कि सामान्य मामलों में भी यही प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जो आम जनता के लिए एक बड़ी राहत है। यह दूरगामी फैसला हाल ही में दिल्ली में आयोजित चुनाव आयोग की एक उच्च-स्तरीय बैठक में लिया गया, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के साथ-साथ दोनों नवनियुक्त चुनाव आयुक्त भी शामिल थे। इस बैठक का उद्देश्य चुनावी तंत्र में सुधार और पारदर्शिता लाना था, विशेष रूप से ऐसे समय में जब आयोग के कामकाज को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा...

यूएन में शहबाज शरीफ के भाषण पर भारत का पलटवार, पेटल गहलोत ने उड़ा दीं पाकिस्तान के दावों की धज्जियां - India TV Hindi

संयुक्त राष्ट्र में भारत का करारा पलटवार: पाकिस्तान के झूठ का पर्दाफाश, गहलोत ने उड़ाई शरीफ के दावों की धज्जियां न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में एक बार फिर पाकिस्तान ने अपने चिर-परिचित एजेंडे के तहत भारत के खिलाफ अनर्गल आरोप लगाए और कश्मीर सहित कई मुद्दों पर बेबुनियाद दावे पेश किए। लेकिन इस बार भारत ने अपने कड़े और प्रभावी पलटवार से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के हर झूठ का पर्दाफाश कर दिया। भारत की युवा और प्रखर राजनयिक पेटल गहलोत ने पाकिस्तान के हर दावे को तर्कों और तथ्यों के साथ ध्वस्त करते हुए उसे अंतर्राष्ट्रीय मंच पर पूरी तरह बेनकाब कर दिया। यह घटनाक्रम वैश्विक कूटनीति के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण था, जिसने पाकिस्तान की दोहरी नीति और आतंकवाद पर उसके पाखंड को उजागर किया। शहबाज शरीफ ने अपने संबोधन में कश्मीर का राग अलापते हुए उसे "गले की नस" बताया और भारत पर "सिंधु के पानी को रोकने" की धमकी देने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी दावा किया कि भारत क्षेत्र में शांति के प्रयासों को कमजोर कर रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने अंतर्...

ज्ञानेश कुमार की इस्तीफ़े की मांग, जानिए मुख्य चुनाव आयुक्त को कैसे हटाया जा सकता है - BBC

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की बढ़ती मांग और मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की जटिल संवैधानिक प्रक्रिया नई दिल्ली: भारतीय लोकतंत्र के हृदय में स्थित निर्वाचन आयोग, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों की गारंटी का प्रतीक है। हालांकि, हालिया समय में, मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग ने देश की राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, जिससे इस अत्यंत महत्वपूर्ण संवैधानिक पद की स्वायत्तता पर गहन बहस छिड़ गई है। विपक्षी दल, विशेषकर कांग्रेस, ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और पक्षपात के आरोप लगाते हुए ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग की है। यह मांग ऐसे समय में उठी है जब निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता और कार्यप्रणाली पर पहले से ही सवाल उठ रहे थे, खासकर चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में हालिया बदलावों के बाद। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग के पीछे कई घटनाएँ और आरोप बताए जा रहे हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि हाल के चुनावों में कई फैसलों और प्रक्रियाओं ने सत्तारूढ़ दल को अनुचित लाभ पहुँचाया है, जिससे चुनाव आयोग की तटस्थता पर संदेह पैदा हुआ है। मतदान प्रतिशत ...

एशियन गेम्स में भारत को तीसरा गोल्ड: महिला कबड्डी टीम ने लगातार 5वीं बार मेडल जीता; 2 सिल्वर, 1 ब्रॉन्ज भी आए - Dainik Bhaskar

भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स में फिर रचा इतिहास, लगातार पांचवां स्वर्ण पदक जीतकर देश को तीसरा गोल्ड दिलाया नागोया, जापान: एशियन गेम्स 2026 में भारत का स्वर्णिम सफर जारी है, और इसी कड़ी में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एक बार फिर इतिहास रचते हुए लगातार पांचवीं बार स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया है। यह भारत के पदक तालिका में तीसरा स्वर्ण पदक है, जिसने देश का गौरव और बढ़ाया है। इस ऐतिहासिक जीत ने न केवल कबड्डी के खेल में भारत के अदम्य प्रभुत्व को स्थापित किया है, बल्कि पूरे देश को जश्न मनाने का एक और अवसर प्रदान किया है। आज नागोया के सेंट्रल स्पोर्ट्स एरिना में खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में भारतीय वीरांगनाओं ने अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी ईरान को एकतरफा अंदाज में मात दी। मैच की शुरुआत से ही भारतीय टीम ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली थी, और उन्होंने अंत तक अपनी बढ़त बनाए रखी। कप्तान पुष्पा राणा के नेतृत्व में टीम ने असाधारण कौशल, फुर्ती और रणनीतिक खेल का प्रदर्शन किया। हालांकि, मैच के दौरान अंपायरों के कुछ विवादास्पद निर्णयों ने खेल को और दिलचस्प बना दिया था, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने इसस...

यूएन में शहबाज शरीफ के भाषण पर भारत का पलटवार, पेटल गहलोत ने उड़ा दीं पाकिस्तान के दावों की धज्जियां - India TV Hindi

यूएन में भारत का पाकिस्तान को करारा जवाब: कश्मीर पर झूठ और आतंकवाद पर पर्दाफाश न्यूयॉर्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के हालिया सत्र में, भारत ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा कश्मीर मुद्दे पर फैलाए गए झूठ और मानवाधिकारों के उल्लंघन के बेबुनियाद आरोपों का करारा जवाब दिया। भारत ने अपने प्रत्युत्तर के अधिकार का प्रयोग करते हुए, पाकिस्तान को आतंकवाद के केंद्र के रूप में उजागर किया और उसे अपने आंतरिक मामलों में झाँकने की सलाह दी, बजाय इसके कि वह पड़ोसी देशों के आंतरिक मामलों में दखल दे। भारतीय राजनयिक पेटल गहलोत ने संयुक्त राष्ट्र के मंच पर पाकिस्तान के प्रोपेगेंडा की धज्जियां उड़ाते हुए, अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने इस्लामाबाद का असली चेहरा बेनकाब किया। शहबाज शरीफ का पुराना राग: कश्मीर और मनगढ़ंत आरोप संयुक्त राष्ट्र महासभा के 79वें सत्र में अपने संबोधन के दौरान, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हमेशा की तरह कश्मीर मुद्दे को उठाया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों का आरोप लगाया और क्षेत्र के लोगों के लिए 'आत्मनिर्णय के अधिकार...

यूएन में शहबाज शरीफ के भाषण पर भारत का पलटवार, पेटल गहलोत ने उड़ा दीं पाकिस्तान के दावों की धज्जियां - India TV Hindi

संयुक्त राष्ट्र में भारत का करारा जवाब: पेटल गहलोत ने शहबाज़ शरीफ के झूठ का किया पर्दाफ़ाश, पाकिस्तान की आतंकी नीति उजागर संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) का मंच एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच तीखी राजनयिक जंग का गवाह बना। जब पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने अपने संबोधन में कश्मीर का राग अलापा और भारत पर बेबुनियाद आरोप लगाए, तो भारत ने तुरंत और दृढ़ता से इसका जवाब दिया। भारतीय प्रतिनिधि पेटल गहलोत ने पाकिस्तान के हर दावे की धज्जियां उड़ा दीं और दुनिया के सामने उसके दोहरे मापदंडों तथा आतंकवाद को बढ़ावा देने की नीति का पर्दाफाश किया। यह राजनयिक पलटवार इतना तीखा था कि इसने पाकिस्तान को विश्व मंच पर पूरी तरह से बेनकाब कर दिया। प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने अपने भाषण में हमेशा की तरह जम्मू-कश्मीर को लेकर मनगढ़ंत आरोप लगाए। उन्होंने आत्मनिर्णय के अधिकार और मानवाधिकारों के उल्लंघन का मुद्दा उठाया, जिसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गुमराह करना था। शरीफ ने दावा किया कि भारत कश्मीर में दमनकारी नीतियां अपना रहा है और क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा पैदा कर रहा है। उन्होंने कश्मीर मुद...

शी जिनपिंग के दौरे की चीन पुष्टि क्यों नहीं कर रहा, क्या भारत ने अपनी अहम मांग छोड़ दी - BBC

नमस्ते, मैं वर्ल्ड प्रेस इंडिया का प्रधान संपादक हूँ। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा को लेकर गहराता रहस्य और इसके पीछे की कूटनीतिक गुत्थियां इन दिनों अंतर्राष्ट्रीय सुर्खियों में हैं। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए दिल्ली तैयार है, लेकिन बीजिंग की चुप्पी कई सवालों को जन्म दे रही है। यह केवल एक राष्ट्राध्यक्ष की यात्रा का मामला नहीं, बल्कि भारत-चीन संबंधों की जटिलता और वैश्विक भू-राजनीति में उभरते नए समीकरणों का प्रतिबिंब है। आइए, इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम का विस्तृत विश्लेषण करते हैं: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: जिनपिंग की चुप्पी, भारत की कूटनीतिक अग्निपरीक्षा दिल्ली में होने वाले प्रतिष्ठित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियां अपने चरम पर हैं, लेकिन सबसे बड़ा सवाल अभी भी अनसुलझा है - क्या चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इसमें शामिल होंगे? बीजिंग की ओर से आधिकारिक पुष्टि का अभाव न केवल अटकलों को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि भारत-चीन संबंधों की मौजूदा नाजुक स्थिति को भी उजागर करता है। जहां भारत ने सम्मेलन की मेजबानी के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था और कूटनीतिक तैयारियों को अंजाम दिया है, वही...