मध्य पूर्व में बदलता शक्ति संतुलन: ईरान के प्रति खाड़ी देशों का रुख और ट्रंप की 'सख्त' घेराबंदी मध्य पूर्व की भू-राजनीति एक बार फिर से अत्यंत संवेदनशील मोड़ पर खड़ी है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने न केवल वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित किया है, बल्कि खाड़ी देशों (Gulf Countries) के बीच भी कूटनीतिक विभाजन को गहरा कर दिया है। जहाँ एक ओर अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के "पूरी तरह ढहने" का दावा किया है, वहीं दूसरी ओर खाड़ी के देश अपनी सुरक्षा और आर्थिक हितों को देखते हुए अलग-अलग खेमों में बंटे नजर आ रहे हैं। इस पूरे परिदृश्य में सबसे बड़ा सवाल यह है कि ईरान के प्रति कौन सा खाड़ी देश सबसे सख्त रुख अपनाए हुए है और कौन सा देश मध्यस्थता के जरिए नरमी बरत रहा है। खाड़ी देशों का रुख: कठोर बनाम नरम कूटनीति ईरान के साथ संबंधों के मामले में खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों का दृष्टिकोण एक समान नहीं है। सऊदी अरब और बहरीन को ऐतिहासिक रूप से ईरान के प्रति सबसे सख्त रुख रखने वाले देशों के रूप में देखा जाता रहा है। विशेष रूप से बहरीन, जो ईरान पर अप...