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पश्चिम बंगाल: शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण में पीएम मोदी समेत ये नेता होंगे शामिल - BBC

पश्चिम बंगाल की राजनीति में ऐतिहासिक मोड़: शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है। भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता शुभेंदु अधिकारी राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के लिए तैयार हैं। कोलकाता के राजभवन में आयोजित होने वाला यह शपथ ग्रहण समारोह न केवल बंगाल बल्कि देश की राजनीति के लिए एक बड़ा संकेत माना जा रहा है। ममता बनर्जी के कभी करीबी रहे और अब उनके सबसे बड़े राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के रूप में उभरे शुभेंदु अधिकारी की इस ताजपोशी को 'असल परिवर्तन' के रूप में देखा जा रहा है। इस भव्य समारोह के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और पूरे राज्य में उत्साह का माहौल है। दिग्गज नेताओं का जमावड़ा: पीएम मोदी और अमित शाह की मौजूदगी शुभेंदु अधिकारी के इस महत्वपूर्ण अवसर को और भी खास बनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का जमावड़ा कोलकाता में होने जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी , गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष...

दिनाकरन ने विजय की पार्टी पर लगाया फर्जी समर्थन पत्र देने का आरोप, मामला थाने पहुंचा - AajTak

तमिलनाडु में सत्ता का महासंग्राम: विजय की पार्टी पर फर्जी समर्थन पत्र के आरोप, दिनाकरन ने खटखटाया पुलिस का दरवाजा तमिलनाडु की राजनीति इस समय एक अभूतपूर्व और तनावपूर्ण दौर से गुजर रही है। राज्य में नई सरकार के गठन को लेकर चल रही रस्साकशी अब पुलिस थानों और अदालतों की दहलीज तक पहुंच गई है। अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) पर गंभीर आरोप लगाते हुए एएमएमके (AMMK) प्रमुख टीटीपी दिनाकरन ने मोर्चा खोल दिया है। इस विवाद ने न केवल राज्य की कानून-व्यवस्था बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे पूरे प्रदेश में राजनीतिक अस्थिरता का माहौल बन गया है। फर्जी दस्तावेजों का आरोप और कानूनी कार्रवाई एएमएमके (AMMK) नेता टीटीपी दिनाकरन ने विजय की पार्टी पर धोखाधड़ी का बड़ा आरोप लगाया है। दिनाकरन का दावा है कि विजय की पार्टी ने उनकी पार्टी के विधायकों के नाम का इस्तेमाल कर फर्जी समर्थन पत्र तैयार किए हैं। दिनाकरन के अनुसार, ये पत्र राज्यपाल को भ्रमित करने के उद्देश्य से बनाए गए थे ताकि विजय को सरकार बनाने का दावा पेश करने में आसानी हो। म...

दिनाकरन ने लेटर फर्जी बता FIR कराई, TVK ने जारी किया AMMK विधायक का वीडियो... तमिलनाडु में चढ़ा सियासी पारा - AajTak

तमिलनाडु में सियासी घमासान: थलपति विजय का 'शक्ति प्रदर्शन', फर्जी लेटर और वीडियो वॉर से गरमाया माहौल तमिलनाडु की राजनीति इस समय अपने सबसे रोमांचक और अनिश्चित दौर से गुजर रही है। दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार से राजनेता बने थलपति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के सत्ता की दहलीज पर पहुंचने की कोशिशों ने राज्य के सियासी पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। एक तरफ विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर तीसरी बार सरकार बनाने का दावा पेश किया है, तो दूसरी तरफ विपक्षी दलों के बीच 'लेटर वॉर' और 'वीडियो वॉर' शुरू हो गया है। जोड़-तोड़ की इस राजनीति में आरोपों और प्रत्यारोपों का दौर तेज है, जिससे यह सवाल गहरा गया है कि क्या विजय वाकई तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे या अभी इस कहानी में और भी मोड़ आने बाकी हैं। राज्यपाल से तीसरी मुलाकात और सरकार बनाने का दावा तमिलनाडु की राजनीति में 'थलपति' के नाम से मशहूर विजय ने अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को लेकर कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। हालिया घटनाक्रम के अनुसार, विजय ने राजभवन जाकर राज्यप...

कौन हैं लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि? अनिल चौहान के बाद बनेंगे CDS, सरकार का ऐलान - Live Hindustan

भारतीय सैन्य नेतृत्व में बड़ा बदलाव: लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि होंगे देश के अगले सीडीएस भारत सरकार ने देश के रक्षा ढांचे में एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि को अगला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) नियुक्त करने की घोषणा की है। यह नियुक्ति भारतीय सेनाओं के एकीकरण और भविष्य की रक्षा चुनौतियों के मद्देनजर बेहद अहम मानी जा रही है। लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि वर्तमान सीडीएस जनरल अनिल चौहान का स्थान लेंगे, जो आगामी 30 मई को अपने पद से सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। जनरल अनिल चौहान के उत्तराधिकारी के रूप में नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट कर दिया गया है कि जनरल अनिल चौहान के कार्यकाल के समापन के बाद, भारतीय सशस्त्र बलों की कमान लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि के हाथों में होगी। जनरल अनिल चौहान ने देश के दूसरे सीडीएस के रूप में थियेटर कमान और तीनों सेनाओं के बीच तालमेल बिठाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। अब इन सुधारों को आगे ले जाने की जिम्मेदारी लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि पर होगी। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के...

Suvendu Adhikari Net Worth: अब बनेंगे बंगाल के मुख्यमंत्री, 1 करोड़ की संपत्ति भी नहीं है शुभेंदु अधिकारी के पास - AajTak

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक युगांतरकारी परिवर्तन की सुगबुगाहट तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य की कमान संभालने के लिए अपने सबसे भरोसेमंद और कद्दावर चेहरे, शुभेंदु अधिकारी के नाम पर मुहर लगा दी है। पांच साल पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) का साथ छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाले शुभेंदु अब बंगाल के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के लिए तैयार हैं। यह घटनाक्रम न केवल भाजपा के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि ममता बनर्जी के गढ़ में सत्ता परिवर्तन का एक स्पष्ट संकेत भी है। 9 मई को होगा राजतिलक: अमित शाह ने दी घुसपैठियों को चेतावनी आधिकारिक घोषणा के अनुसार, शुभेंदु अधिकारी 9 मई को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इस महत्वपूर्ण घोषणा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कड़ा रुख अपनाते हुए अपराधियों और असामाजिक तत्वों को स्पष्ट संदेश दिया। शाह ने कहा कि शुभेंदु के नेतृत्व वाली सरकार बंगाल में घुसपैठ और गोतस्करी करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएगी। गृह मंत्री की इस चेतावनी को राज्य में कानून-व्यवस्था की बहाली और सीमा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा मे...

तमिलनाडु के 8 दल और नंबरगेम में उलझे थलपति... कौन किसका गेम बनाएगा-बिगाड़ेगा - AajTak

तमिलनाडु में थलपति विजय का 'पॉवर प्ले': नंबरगेम की बिसात पर उलझी दक्षिण की राजनीति तमिलनाडु की सियासत में इन दिनों भारी हलचल मची हुई है। अभिनेता से राजनेता बने थलपति विजय और उनकी पार्टी 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) ने राज्य के राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह से गरमा दिया है। एक तरफ जहां विजय ने सत्ता की चाबी हासिल करने के लिए कमर कस ली है, वहीं दूसरी ओर तमिलनाडु के 8 अन्य राजनीतिक दलों ने इस खेल को और अधिक उलझा दिया है। हालिया घटनाक्रमों ने यह साफ कर दिया है कि सिनेमा के पर्दे पर विरोधियों को पछाड़ने वाले विजय के लिए राजनीति का यह 'नंबरगेम' किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। फिलहाल राज्य की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि थलपति अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत बहुमत के साथ कर पाएंगे या विपक्षी दलों की रणनीतियां उनके सपनों पर ग्रहण लगा देंगी। राज्यपाल से मुलाकात और सरकार बनाने का दावा दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपरस्टार विजय ने अपनी राजनीतिक सक्रियता को अगले स्तर पर ले जाते हुए हाल ही में राज्यपाल से तीसरी बार मुलाकात की है। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने तमिलनाडु में सर...

तमिलनाडु के 8 दल और नंबरगेम में उलझे थलपति... कौन किसका गेम बनाएगा-बिगाड़ेगा - AajTak

तमिलनाडु में 'थलपति' विजय का राजतिलक: नंबरगेम में सबको पछाड़कर कल संभालेंगे मुख्यमंत्री की कुर्सी चेन्नई: दक्षिण भारत की राजनीति में फिल्मी सितारों का मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुँचना कोई नई बात नहीं है, लेकिन 'थलपति' के नाम से मशहूर अभिनेता विजय ने जिस तरह से राजनीतिक बिसात बिछाई है, उसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। तमिलनाडु की जटिल राजनीति और 8 दलों के बीच फंसे नंबरगेम को मात देते हुए, विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने सत्ता के शिखर तक पहुँचने का रास्ता साफ कर लिया है। भारी अनिश्चितता के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि विजय तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। बहुमत का जादुई आँकड़ा और थलपति की इनसाइड स्टोरी तमिलनाडु की राजनीति में पिछले चार दिन बेहद नाटकीय रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, थलपति विजय ने इन चार दिनों में वह कर दिखाया जिसकी उम्मीद अनुभवी राजनेता भी नहीं कर रहे थे। राज्य में 8 प्रमुख दलों के बीच बँटे जनादेश और जटिल नंबरगेम में विजय ने अपनी सूझबूझ से बहुमत जुटा लिया है। 'इनसाइड स्टोरी' यह है कि विजय ने छोटे दलों और...

तमिलनाडु के 8 दल और नंबरगेम में उलझे थलपति... कौन किसका गेम बनाएगा-बिगाड़ेगा - AajTak

तमिलनाडु में 'थलपति' विजय का सियासी शंखनाद: सरकार बनाने का दावा पेश, क्या सुलझ गया नंबरगेम? तमिलनाडु की राजनीति में एक नए युग की आहट सुनाई दे रही है। सिनेमाई पर्दे पर राज करने वाले थलपति विजय अब राजनीति के मैदान में भी निर्णायक भूमिका में नजर आ रहे हैं। राज्य के जटिल राजनीतिक समीकरणों के बीच विजय की पार्टी, 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK), सत्ता की दहलीज पर खड़ी दिखाई दे रही है। हालिया घटनाक्रमों ने न केवल राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है, बल्कि दशकों से स्थापित द्रविड़ दलों के प्रभुत्व को भी चुनौती दी है। विजय की हालिया गतिविधियों और गठबंधन के नए फॉर्मूले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि तमिलनाडु का 'नंबरगेम' अब एक बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। राजभवन में थलपति की 'हैट्रिक': सरकार बनाने का औपचारिक दावा तमिलनाडु में जारी राजनीतिक गतिरोध के बीच थलपति विजय ने एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्यपाल से तीसरी बार मुलाकात की है। इस मुलाकात को महज एक औपचारिक भेंट नहीं, बल्कि सत्ता की ओर बढ़ते कदम के रूप में देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, विजय ने राज्यपाल के समक्...

विजय की टीवीके को सीपीआई-सीपीएम का भी समर्थन, पार्टी बहुमत से अभी भी दूर - BBC

तमिलनाडु में 'थलपति' युग का उदय: विजय कल लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ, CPI-CPM के समर्थन से बढ़ी राजनीतिक ताकत तमिलनाडु की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव की लहर दिखाई दे रही है। अभिनेता से राजनेता बने विजय , जो अपने प्रशंसकों के बीच 'थलपति' के नाम से लोकप्रिय हैं, अब राज्य की सत्ता की कमान संभालने के लिए तैयार हैं। हालिया घटनाक्रमों के बाद, तमिलनाडु के राज्यपाल ने विजय को सरकार बनाने का औपचारिक न्योता दे दिया है। विजय की पार्टी, तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) , हालांकि अभी भी अपने दम पर पूर्ण बहुमत के आंकड़े से थोड़ी दूर है, लेकिन वामपंथी दलों और अन्य छोटे संगठनों के समर्थन ने उनके मुख्यमंत्री बनने का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। यह घटनाक्रम न केवल विजय के राजनीतिक करियर के लिए, बल्कि पूरे राज्य की क्षेत्रीय राजनीति के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित होने वाला है। राजभवन से मिला बुलावा: कल सुबह 11 बजे होगा शपथ ग्रहण समारोह राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच, तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि ने विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है। आधिकारिक घोषणा के अनुसार, विजय कल सुबह 11 बजे मु...

विजय की टीवीके को सीपीआई-सीपीएम का भी समर्थन, पार्टी बहुमत से अभी भी दूर - BBC

तमिलनाडु की राजनीति में नया सवेरा: विजय की टीवीके को वामदलों का साथ, क्या कल शपथ के साथ खत्म होगा सियासी सस्पेंस? दक्षिण भारतीय सिनेमा के दिग्गज सुपरस्टार विजय, जो अब अपनी पार्टी 'तमिलनाडु वेत्री कड़गम' (TVK) के जरिए राजनीतिक मैदान में उतरे हैं, मुख्यमंत्री बनने की दहलीज पर खड़े हैं। पिछले कुछ दिनों से तमिलनाडु की सियासत में जारी अनिश्चितता और भारी जोड़-तोड़ के बाद अब तस्वीर साफ होती दिखाई दे रही है। ताजा घटनाक्रमों के अनुसार, राज्यपाल आर.एन. रवि ने विजय को सरकार बनाने का न्योता दे दिया है। यह खबर न केवल उनके समर्थकों के लिए उत्सव का विषय है, बल्कि राज्य की पारंपरिक द्रविड़ राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत भी है। वामपंथी दलों का समर्थन और बहुमत का गणित विजय की पार्टी टीवीके के लिए सत्ता का रास्ता इतना आसान नहीं था। शुरुआती आंकड़ों में पार्टी बहुमत के जादुई आंकड़े से थोड़ी दूर नजर आ रही थी। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब सीपीआई (CPI) और सीपीएम (CPM) जैसे वामपंथी दलों ने टीवीके को समर्थन देने का संकेत दिया। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, बहुमत ...

ईरान के प्रति खाड़ी का कौन-सा देश सबसे सख़्त और कौन-सा सबसे नरम? - BBC

मध्य पूर्व में बदलता शक्ति संतुलन: ईरान के प्रति खाड़ी देशों का रुख और ट्रंप की 'सख्त' घेराबंदी मध्य पूर्व की भू-राजनीति एक बार फिर से अत्यंत संवेदनशील मोड़ पर खड़ी है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने न केवल वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित किया है, बल्कि खाड़ी देशों (Gulf Countries) के बीच भी कूटनीतिक विभाजन को गहरा कर दिया है। जहाँ एक ओर अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के "पूरी तरह ढहने" का दावा किया है, वहीं दूसरी ओर खाड़ी के देश अपनी सुरक्षा और आर्थिक हितों को देखते हुए अलग-अलग खेमों में बंटे नजर आ रहे हैं। इस पूरे परिदृश्य में सबसे बड़ा सवाल यह है कि ईरान के प्रति कौन सा खाड़ी देश सबसे सख्त रुख अपनाए हुए है और कौन सा देश मध्यस्थता के जरिए नरमी बरत रहा है। खाड़ी देशों का रुख: कठोर बनाम नरम कूटनीति ईरान के साथ संबंधों के मामले में खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों का दृष्टिकोण एक समान नहीं है। सऊदी अरब और बहरीन को ऐतिहासिक रूप से ईरान के प्रति सबसे सख्त रुख रखने वाले देशों के रूप में देखा जाता रहा है। विशेष रूप से बहरीन, जो ईरान पर अप...

Gujarat Nikay Chunav Result 2026 LIVE Updates: गुजरात में फिर से भगवा परचम... सभी 15 निगमों में बीजेपी की जीत, सूरत में AAP का सूपड़ा साफ - AajTak

गुजरात निकाय चुनाव 2026: 15 निगमों में खिला 'कमल', विपक्षी किलों का पतन और भाजपा का अभूतपूर्व वर्चस्व गुजरात की राजनीति में एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी अजेय शक्ति का प्रदर्शन किया है। वर्ष 2026 के नगर निगम चुनावों के परिणामों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में भाजपा का किला न केवल सुरक्षित है, बल्कि और भी अभेद्य हो गया है। राज्य की सभी 15 नगर निगमों में भाजपा ने पूर्ण बहुमत के साथ जीत हासिल कर एक नया इतिहास रच दिया है। विपक्षी दलों, विशेषकर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के लिए ये नतीजे किसी बड़े झटके से कम नहीं हैं। सूरत में 'आप' का सूपड़ा साफ: एक बड़े उलटफेर का अंत इन चुनाव परिणामों में सबसे चौंकाने वाला और महत्वपूर्ण पहलू सूरत नगर निगम का रहा। पिछले चुनावों में सूरत में मुख्य विपक्षी दल बनकर उभरी आम आदमी पार्टी (AAP) का इस बार पूरी तरह सूपड़ा साफ हो गया है। सूरत, जिसे कभी अरविंद केजरीवाल की पार्टी के लिए गुजरात में प्रवेश द्वार माना जा रहा था, वहां भाजपा ने क्लीन स्वीप करते हुए विपक्षी अस्तित्व को ...

Gujarat Nikay Chunav Result 2026 LIVE Updates: गुजरात में फिर से भगवा परचम... सभी 15 निगमों में बीजेपी की जीत, सूरत में AAP का सूपड़ा साफ - AajTak

गुजरात निकाय चुनाव परिणाम 2026: सभी 15 नगर निगमों में बीजेपी का प्रचंड बहुमत, सूरत में 'आप' का सूपड़ा साफ गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों के परिणामों ने एक बार फिर राज्य की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के निर्विवाद वर्चस्व को सिद्ध कर दिया है। साल 2026 के इन चुनावों में 'केसरिया लहर' इस कदर चली कि राज्य की सभी 15 नगर निगमों पर बीजेपी ने अपना कब्जा जमा लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के गृह राज्य में पार्टी की इस ऐतिहासिक जीत ने विपक्ष के सभी दावों को ध्वस्त कर दिया है। अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट जैसे बड़े शहरों से लेकर छोटे निगमों तक, हर जगह बीजेपी कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है। सूरत में पलटा पासा: आम आदमी पार्टी का सूपड़ा साफ इस चुनाव के सबसे चौंकाने वाले परिणाम सूरत से सामने आए हैं। पिछले निकाय चुनावों में मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरने वाली आम आदमी पार्टी (AAP) को इस बार करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। सूरत, जिसे 'आप' अपना नया गढ़ मान रही थी, वहां पार्टी का पूरी तरह सूपड़ा साफ हो गया है। राजनीतिक व...

Gujarat Nikay Chunav Result 2026 LIVE Updates: गुजरात में फिर से भगवा परचम... सभी 15 निगमों में बीजेपी की जीत, सूरत में AAP का सूपड़ा साफ - AajTak

गुजरात निकाय चुनाव 2026: भाजपा का 'क्लीन स्वीप', सभी 15 नगर निगमों पर लहराया भगवा; सूरत में 'आप' का सूपड़ा साफ गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों ने एक बार फिर राज्य की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वर्चस्व को निर्विवाद रूप से सिद्ध कर दिया है। साल 2026 के इन चुनावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के गृह राज्य में विपक्षी दलों का पूरी तरह से सफाया हो गया है। प्रदेश की सभी 15 नगर निगमों में भाजपा ने प्रचंड बहुमत के साथ जीत दर्ज कर एक नया इतिहास रच दिया है। यह परिणाम न केवल भाजपा के संगठनात्मक कौशल को दर्शाता है, बल्कि आगामी विधानसभा चुनावों के लिए भी एक मजबूत संकेत है। सभी 15 नगर निगमों में प्रचंड जीत: भाजपा का अभेद्य किला गुजरात निकाय चुनाव 2026 के लाइव अपडेट्स के अनुसार, भाजपा ने राज्य के सभी बड़े शहरों—अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, राजकोट, जामनगर और भावनगर सहित कुल 15 निगमों में अपनी सत्ता बरकरार रखी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा अब गुजरात में 'आत्मनिर्भर' बन चुकी है, जहाँ उसे सत्ता में बने रहने के लिए क...

ईरान के प्रति खाड़ी का कौन-सा देश सबसे सख़्त और कौन-सा सबसे नरम? - BBC

ईरान और वैश्विक शक्तियों के बीच गहराता तनाव: होर्मुज जलडमरूमध्य पर कूटनीतिक रस्साकशी और खाड़ी देशों का रुख मध्य पूर्व में जारी संघर्ष अब एक ऐसे निर्णायक मोड़ पर पहुँच गया है जहाँ कूटनीति और युद्ध के बीच की रेखा धुंधली पड़ती जा रही है। ईरान पर अमेरिका और इज़रायल के हमलों के 60 दिन पूरे होने के साथ ही, तेहरान ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की जीवन रेखा कहे जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर एक बड़ा दांव खेला है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को पूरी तरह खोलने के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए उसने अमेरिका के सामने कड़ी शर्तें रखी हैं, जिन्हें नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिलहाल ठुकरा दिया है। होर्मुज जलडमरूमध्य: ईरान का सबसे बड़ा कूटनीतिक हथियार दुनिया के कुल तेल निर्यात का लगभग एक-तिहाई हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। ईरान ने हाल ही में प्रस्ताव दिया है कि यदि अमेरिका उस पर लगी आर्थिक नाकेबंदी हटा लेता है और क्षेत्र में जारी युद्ध को समाप्त करने की दिशा में ठोस कदम उठाता है, तो वह इस मार्ग पर लगे प्रतिबंधों को हटा सकता है। ...

ईरान के प्रति खाड़ी का कौन-सा देश सबसे सख़्त और कौन-सा सबसे नरम? - BBC

मध्य पूर्व में शक्ति संतुलन: ईरान, खाड़ी देश और अमेरिका के बीच गहराता कूटनीतिक तनाव मध्य पूर्व की भू-राजनीति वर्तमान में एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहाँ तनाव और कूटनीति के बीच की रेखा बेहद धुंधली हो गई है। हालिया घटनाक्रमों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ईरान न केवल क्षेत्रीय राजनीति का केंद्र बिंदु बना हुआ है, बल्कि उसकी नीतियां खाड़ी देशों के बीच एक वैचारिक और रणनीतिक विभाजन भी पैदा कर रही हैं। ईरान के प्रति खाड़ी देशों का नजरिया एक समान नहीं है; जहाँ कुछ देश अत्यधिक सख्त रुख अपनाए हुए हैं, वहीं कुछ मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए नरम रुख का समर्थन कर रहे हैं। खाड़ी देशों का ध्रुवीकरण: कौन सख्त और कौन नरम? ईरान के प्रति खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों का रवैया उनके अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा चिंताओं से प्रेरित है। सऊदी अरब और बहरीन को ऐतिहासिक रूप से ईरान के प्रति सबसे सख्त रुख रखने वाले देशों के रूप में देखा जाता रहा है। सऊदी अरब, ईरान को अपने क्षेत्रीय प्रभाव और धार्मिक नेतृत्व के लिए एक बड़ी चुनौती मानता है। हालांकि, चीन की मध्यस्थता के बाद सऊदी-ईरान संबंधों में जमी बर्फ कुछ प...

ईरान के प्रति खाड़ी का कौन-सा देश सबसे सख़्त और कौन-सा सबसे नरम? - BBC

पश्चिम एशिया में सत्ता का संतुलन: ईरान, खाड़ी देश और अमेरिका के बीच बदलती कूटनीतिक बिसात पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) की भू-राजनीति एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहाँ तनाव और कूटनीति के बीच की रेखा बेहद धुंधली हो गई है। ईरान और अमेरिका के बीच दशकों से चला आ रहा गतिरोध अब एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है। तेहरान ने हाल ही में वैश्विक शक्तियों, विशेषकर वाशिंगटन के सामने एक तीन-सूत्रीय प्रस्ताव पेश किया है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने और क्षेत्रीय शांति स्थापित करने की बात कही गई है। हालांकि, इस पूरे समीकरण में खाड़ी देशों (Gulf Countries) का अलग-अलग रुख इस संकट को और अधिक जटिल बना देता है। वर्ल्ड प्रेस इंडिया के इस विशेष विश्लेषण में हम खाड़ी देशों के बदलते रुख और ईरान की नई कूटनीतिक चालों का गहराई से परीक्षण करेंगे। खाड़ी देशों का रुख: कौन सख्त और कौन नरम? ईरान के प्रति खाड़ी देशों का दृष्टिकोण कभी भी एकसमान नहीं रहा है। क्षेत्रीय नेतृत्व की होड़ और धार्मिक-राजनीतिक विचारधाराओं ने इन देशों को अलग-अलग खेमों में बांट रखा है। अगर हम खाड़ी के देशों के व्यवहार का विश्लेषण...

ईरान के प्रति खाड़ी का कौन-सा देश सबसे सख़्त और कौन-सा सबसे नरम? - BBC

मध्य पूर्व में बदलती बिसात: ईरान की कूटनीति, खाड़ी देशों का रुख और अमेरिका के साथ 'महायुद्ध' की आहट मध्य पूर्व की भू-राजनीति इस समय एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाएं, खाड़ी देशों के साथ उसके जटिल संबंध और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ जारी तनातनी ने पूरे क्षेत्र को एक ऐसी स्थिति में ला खड़ा किया है, जहां कूटनीति और संघर्ष के बीच की रेखा बेहद धुंधली हो गई है। वर्ल्ड प्रेस इंडिया के इस विशेष विश्लेषण में हम उन कारकों की पड़ताल करेंगे जो न केवल ईरान के भविष्य को तय करेंगे, बल्कि वैश्विक तेल आपूर्ति और क्षेत्रीय स्थिरता को भी प्रभावित करेंगे। खाड़ी देशों का ईरान के प्रति दृष्टिकोण: नरम बनाम सख्त ईरान के प्रति खाड़ी देशों का रुख कभी भी एकसमान नहीं रहा है। क्षेत्रीय नेतृत्व की होड़ और धार्मिक-राजनीतिक विचारधाराओं ने इन देशों को अलग-अलग खेमों में बांट रखा है। सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पारंपरिक रूप से ईरान के प्रति सख्त रुख अपनाते रहे हैं। हालांकि, हाल के वर्षों में चीन की मध्यस्थता के बाद रियाद और तेहरान के बीच संबंधों में कुछ सुधार देखा गया ...

ईरान के प्रति खाड़ी का कौन-सा देश सबसे सख़्त और कौन-सा सबसे नरम? - BBC

पश्चिम एशिया में कूटनीतिक हलचल: ईरान का अमेरिका को प्रस्ताव और खाड़ी देशों का बदलता रुख पश्चिम एशिया की भू-राजनीति इस समय एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। ईरान, जो लंबे समय से वैश्विक प्रतिबंधों और क्षेत्रीय अलगाव का सामना कर रहा है, अब अपनी विदेश नीति में एक बड़ा बदलाव लाने के संकेत दे रहा है। तेहरान ने अमेरिका के साथ तनाव कम करने के लिए एक 'त्रि-सूत्रीय प्रस्ताव' (3-point proposal) पेश किया है, जिसमें युद्ध की समाप्ति, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की सुरक्षा और परमाणु कार्यक्रम जैसे संवेदनशील मुद्दे शामिल हैं। इस कूटनीतिक पहल ने न केवल वाशिंगटन बल्कि खाड़ी देशों और दक्षिण एशिया के देशों, विशेषकर पाकिस्तान की रणनीतियों को भी प्रभावित किया है। ईरान का तीन सूत्रीय प्रस्ताव: क्या यह शांति की नई पहल है? ईरान की ओर से हाल ही में अमेरिका को भेजे गए प्रस्ताव में तीन प्रमुख बिंदुओं पर जोर दिया गया है। पहला बिंदु क्षेत्रीय युद्धों और संघर्षों की समाप्ति है। ईरान यह समझ चुका है कि लंबे समय तक चल रहे छद्म युद्ध (Proxy Wars) उसकी अर्थव्यवस्था को खोखला कर रहे हैं। दूसरा बिंदु ...

AAP को झटका, राघव चड्ढा समेत 7 बागी सांसदों की बीजेपी में एंट्री को मिली राज्यसभा सभापति से मंजूरी - AajTak

भारतीय राजनीति में बड़ा उलटफेर: राघव चड्ढा समेत 'आप' के 7 सांसदों का भाजपा में प्रवेश, राज्यसभा सभापति की मिली मंजूरी भारतीय राजनीति के गलियारों में उस समय एक बड़ा भूचाल आ गया जब आम आदमी पार्टी (AAP) के कद्दावर नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा समेत सात बागी सांसदों ने आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया। इस घटनाक्रम को तब और मजबूती मिली जब राज्यसभा के सभापति ने इन सांसदों की भाजपा में एंट्री को अपनी संवैधानिक मंजूरी दे दी। इस बड़े दलबदल ने न केवल आम आदमी पार्टी के भीतर एक गहरे संकट को जन्म दिया है, बल्कि उच्च सदन यानी राज्यसभा में संख्याबल के समीकरणों को भी पूरी तरह से बदल कर रख दिया है। संवैधानिक प्रक्रिया और सभापति की मुहर लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए राज्यसभा सचिवालय ने स्पष्ट किया कि राघव चड्ढा और उनके साथी सांसदों का भाजपा में शामिल होना नियमानुसार वैध पाया गया है। राज्यसभा सभापति द्वारा दी गई इस मंजूरी का अर्थ यह है कि अब ये सांसद सदन में भाजपा के सदस्य के रूप में पहचाने जाएंगे। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्य...